विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ में यात्रियों की आवाजाही के लिए यूपी रोडवेज ने सात हजार बसें चलाएगा। महाकुंभ के दौरान प्रदेश के तकरीबन सभी डिपो से प्रयागराज के लिए बसों का आवागमन होगा। प्रयागराज से प्रदेश के सभी 75 जिलों के साथ राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और बिहार के लिए भी बसें चलेंगी।
पिछले कुंभ में यूपी रोडवेज ने 500 नई बसें भेजी थीं, लेकिन इस बार यह संख्या 1000 होने जा रही है। इन नई बसों में से 550 बस का संचालन शटल सेवा के रूप में होगा। जौनपुर, गोरखपुर मार्ग पर यूपी रोडवेज झूंसी और दुर्जनपुर पर अस्थायी बस स्टेशन बनाएगा। वाराणसी, गोपीगंज मार्ग के रोडवेज सरस्वती गेट के पास, रायबरेली-लखनऊ एवं अयोध्या मार्ग के लिए राजर्षि टंडन आवासीय परिसर फाफामऊ के सामने एवं बेला कछार से, कौशाम्बी-कानपुर मार्ग के लिए नेहरू पार्क के पास, रीवा-चित्रकूट-बांदा मार्ग के लिए अंध विद्यालय लेप्रोसी चौराहा, मिर्जापुर-विंध्याचल मार्ग के लिए सरस्वती हाईटेक सिटी के पास अस्थायी बस स्टेशन बनाया जाएगा।
उधर, महाकुंभ के दौरान शटल बसों का संचालन पूरामुफ्ती से हिंदू हॉस्टल, नेहरू पार्क से हिंदू हॉस्टल, नवाबगंज हाइवे से भारत स्काउट कॉलेज, शिवगढ़ हाइवे से भारत स्काउट कॉलेज, बेला कछार से भारत स्काउट, फूलपुर से अंदावा, हबूसा मोड़ से अंदावा, पंचदेवरा से लेप्रेसी चौराहा, गौहनिया से लेप्रेसी चौराहे तक होगा। इन सभी स्थानों से पांच-पांच मिनट के अंतराल पर बसें चलेंगी। यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी ने बताया कि महाकुंभ तक इस प्लान में थोड़ा बहुत संशोधन हो सकता है। अभी यही तैयारी है कि प्रदेश के सभी जिलों एवं आसपास के राज्यों के प्रमुख शहरों के लिए महाकुंभ के दौरान बसों का संचालन किया जाए।