परीक्षा छोड़ने वालों का नहीं हुआ नुकसान
वर्ष 2021 की परीक्षा में प्रमोशन से असंतुष्ट जिन छात्रों ने वर्ष 2022 की यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन तो किए थे, लेकिन परीक्षा में शामिल नहीं हुए, उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। पंजीकरण कराने वाले 51547 विद्यार्थियों में से 13016 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा नहीं दी। ऐसे विद्यार्थियों का 2021 का प्रमाणपत्र ही मान्य होगा।
आंतरिक मूल्यांकन, शैक्षणिक रिकार्ड पर मिला था प्रमोशन
यूपी बोर्ड 2021 की परीक्षा में आंतरिक मूल्यांकन और शैक्षणिक रिकार्ड के आधार पर छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया गया था। आंतरिक परीक्षा में स्कूल अपने विद्यार्थियों को मनमाने अंक देकर उन्हें अनावश्यक लाभ न पहुंचा सकें, इसके लिए स्कूलों के पूर्व में किए गए प्रदर्शन को भी आधार बनाया गया था। सभी छात्रों को औसत अंकों के आधार प्रमोट किया गया था, ताकि बाद में कोई विवाद न हो। इसके बावजूद 51457 परीक्षार्थी परिणाम से असंतुष्ट थे।
इनका कहना है
वर्ष 2021 की परीक्षा से असंतुष्ट जो परीक्षार्थी 2022 की यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए, उनमें से 70 फीसदी से अधिक उत्तीर्ण हुए हैं, लेकिन इन्हें 2021 का ही प्रमाणपत्र दिया जाएगा। -दिव्यकांत शुक्ल, सचिव, यूपी बोर्ड