उमेश के पड़ोसी मो. शजर से कहा कि उमेश घर पर रहते हुए कहां बैठता, कौन कौन उससे मिलने आता है, वह बाहर कितने बजे निकला, इसकी जानकारी दे। शजर को आईफोन भी दिया। उस पर पहले से ही कुछ नंबर फीड थे। उन्हीं नंबरों पर शजर को जानकारी देनी थी। अरशद कटरा से भी कचहरी के आस पास उमेश की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया था।
यह भी पढ़ें: Umesh Pal Murder: यहां की स्पेशल बिरयानी का दीवाना है अतीक का भाई अशरफ, अक्सर लाता था आरिफ; प्रॉपर्टी डीलर...
इसके साथ अतीक के घर पर हत्या से संबंधित एक मीटिंग 12 फरवरी को हुई है। अन्य लोगों के साथ साथ नियाज, शजर और अरशद कटरा भी मीटिंग में शामिल हुए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 13 फरवरी से उमेश पर नजर रखनी शुरू हो गई। 15 फरवरी को हत्या की पहली कोशिश की गई। शूटर पूरी तरह से तैयार थे लेकिन मौका नहीं मिल पाया।
यह भी पढ़ें: Umesh Pal Murder Case: 'बिटिया तुम भाग जाओ', हमले के बीच उमेश ने भतीजी से कही थी ये बात; ऐसा था खौफनाक मंजर
इसके बाद अतीक के घर पर फिर बैठक हुई। असद ने रेकी करने वाले नियाज और शजर को डांटा भी। कहा अगली बार सटीक सूचना होनी चाहिए। इसके बाद 21 फरवरी को दूसरी कोशिश की गई लेकिन वह भी फेल हो गई। 22 को फिर घर में मीटिंग हुई। 24 फरवरी को उमेश को कचहरी जाना था। यह बात सभी को मालूम थी।
मीटिंग में निर्णय लिया गया कि इसी दिन उमेश का अंतिम दिन होना चाहिए। कचहरी से लेकर उसके घर तक कहीं भी मौका मिलेगा, उमेश को मार दिया जाएगा। वही हुआ भी कचहरी से लौटते हुए उमेश के घर पर ही हमला किया गया। उमेश के साथ साथ सिपाही राघवेंद्र सिंह और संदीप निषाद भी मारे गए।