अतीक के बेहद करीबी गुर्गे रहे आबिद प्रधान को पुलिस तलाश रही है। पुलिस को शक है कि शाइस्ता को फरार करने में आबिद की बड़ी भूमिका है। फरार होने के बाद कुछ दिन तक शाइस्ता मरियाडीह में ही थीं। बाद में पुलिस के छापे के बाद वहां से दूसरे गांव चली गईं। आबिद प्रधान वही शख्स है, जिसका नाम अतीक के गैंग चार्ट 2020 में पहले नंबर पर था। फरवरी 2023 की लिस्ट में पुलिस ने आबिद का नाम गैंग लिस्ट से निकाल दिया था। अब पुलिस आबिद को खोज रही है।
पुलिस ने फरवरी 2023 में अतीक का जो गैंग चार्ट जारी किया था, उसमें कई नाम गायब थे। सबसे प्रमुख आबिद प्रधान का नाम था। 2020 की लिस्ट में आबिद प्रधान का नाम गैंग के पहले नंबर पर शामिल था। उमेश पाल की हत्या के बाद आबिद का नाम उस वक्त सुर्खियों में आया, जब शाइस्ता की खोज होने लगी। शाइस्ता के करीबियों से पूछताछ में पता चला कि उसने चकिया छोड़ने के बाद कुछ दिन मरियाडीह फिर हटवा आदि गांवों में पनाह ली थी।
पुलिस ने गांव के कई लोगों को पकड़ा तब भनक लगी कि शाइस्ता को फरार कराने में आबिद प्रधान का भी हाथ है। इसके बाद पुलिस को एक और गांव के प्रधान का नाम पता चला। शाइस्ता उस गांव में भी कुछ दिन रही थी। जब पुलिस प्रतिदिन वहां दबिश देने लगी तो शाइस्ता वहां से हटी। पुलिस अब आबिद प्रधान के साथ साथ पड़ोसी गांव के प्रधान को भी ढूंढ रही है। फरवरी के दूसरे हफ्ते में अतीक का जो गैंग चार्ट जारी किया था, उसमें आबिद प्रधान का नाम हटा दिया गया था। नई लिस्ट में कम्मो जाबिर का भी नाम नहीं है।
पुलिस को हमजा की भी तलाश
अतीक के रिश्तेदार हमजा की भी पुलिस को तलाश है। पुलिस को सूचना मिली है कि असद को फरार करने में हमजा की भी भूमिका है। पुलिस का कहना है कि सूचना की तस्दीक की जा रही है। अगर यह बात सही निकली तो उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।