उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस ने उसके परिवार वालों पर शिकंजा कसा, घर ध्वस्त करा दिया तो घरवालों ने अफवाह उड़ाई कि अब्दुल कवि की कोरोना से मौत हो चुकी है। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, परिवार वाले जब मौत का कोई साक्ष्य नहीं दे सके तो पुलिस को शक हुआ और दबाव बढ़ाया गया।
ऑनलाइन रिकाॅर्ड से गायब है लाइसेंस
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2014-15 में शस्त्र लाइसेंस के लिए यूनिक आईडी की व्यवस्था की थी। वर्ष 2009 तक तो कवि की लाइसेंसी रायफल का ऑनलाइन और ऑफलाइन ब्योरा मिल रहा है, लेकिन उसके बाद पोर्टल पर कोई जानकारी नहीं है।
राजू पाल हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद भी शूटर अब्दुल कवि को रायफल का लाइसेंस कैसे मिल गया, इसकी जांच करा रहे हैं। इसमें जो दोषी होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अभी तक यह रायफल मिली भी नहीं है।-बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी