फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूजीसी : खेलकूद से होगी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की कांउसलिंग

विज्ञापन
विज्ञापन
खेलकूद से होगा मानसिक विकास, यूजीसी ने मांगी रिपोर्ट
विज्ञापन

0 कोविड के बाद अवसाद में आए छात्र-छात्राओं को स्वस्थ रखने की कवायद
0 इविवि के शारीरिक शिक्षा विभाग की प्रो. अर्चना चहल भी कमेटी में शामिल
प्रयागराज। कोविड के बाद अवसाद में आए छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अब शारीरिक शिक्षा विभाग की मदद ली है। इसके लिए पिछले साल गठित कमेटी को विस्तार दिया गया है, जिसमें सदस्यों की संख्या सात से बढ़कर नौ हो गई है। दो नए सदस्यों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के शारीरिक शिक्षा विभाग की प्रो. अर्चना चहल और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रो. बृज भूषण सिंह शामिल हैं।
पिछले साल कोविड की दूसरी लहर के दौरान देश भर में बड़ी संख्या में मौतें हुईं थीं। लॉकडाउन के कारणों छात्र-छात्राएं महीनों अपने कमरों में कैद रहे। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं के कॅरियर पर अचानक ब्रेक लग गया। अवसाद के कारण छात्र-छात्राओं में आत्महत्या की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी। ऐसे में यूजीसी ने विशेषज्ञों की सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जिसमें मनोविज्ञानियों और मनोचिकित्सकों को शामिल किया गया। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर देश भर के विश्वविद्यालयों को गाइडलाइन जारी की गई कि उन्हें अपने छात्र-छात्राओं के लिए क्या करना है।
विज्ञापन

गाइडलाइन को विश्वविद्यालयों ने अपनी वेबसाइट पर भी जारी किया था। हालांकि, बाद में यह महसूस किया गया कि इसमें शारीरिक शिक्षा को भी शामिल किए जाने की आवश्यकता थी। विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक शिक्षा सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलकूद एवं व्यायाम भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी हैं। इससे सोचने की क्षमता बढ़ती है, याददाश्त भी बेहतर होती है और व्यवहार सकारात्मक होता है।
विज्ञापन

मानसिक स्वास्थ्य के लिए शारीरिक शिक्षा को महत्वपूर्ण मानते हुए इस बार कमेटी में पूरे देश से शारीरिक शिक्षा के दो विशेषज्ञों को शामिल किया गया है और प्रयागराज के लिए यह बड़ी उपलब्धि है कि इस कमेटी में इविवि की प्रो. अर्चना चहल भी हैं। प्रो. चहल ने बताया कि छात्र-छात्राओं के मानसिक विकास के लिए नौ सदस्यीय कमेटी अपनी रिपोर्ट यूजीसी को सौंपेंगी। इसमें शारीरिक शिक्षा से जुड़े टिप्स भी शामिल होंगे। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यूजीसी की ओर से सभी विश्वविद्यालयों को गाइडलाइन जारी की जाएगी और इसके बाद विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट पर गाइडलाइन को अपलोड करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें