खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) पदाधिकारियों की बैठक रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई। बैठक में व्यापारियों ने अफसरों के समक्ष तमाम मुद्दे उठाए। इस दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने व्यापारियों के सवालों का जवाब भी मौके पर दिया। साथ ही तमाम नए नियमों के बारे में जानकारी दी। व्यापारियों को बताया गया कि एक अक्तूबर 21 से बिल पर फूड लाइसेंस का नंबर लिखा जाना अनिवार्य होगा।
बैठक में फूड लाइसेंस को लेकर कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि फूड लाइसेंस नंबर एक अक्तूबर से अनिवार्य हो रहा है, लेकिन इसका कानून यह कहता है कि जिसके पास लाइसेंस न हो उसे खाद्य वस्तु न बेची जाए। जबकि प्रयागराज में बहुत से छोटे दुकानदारों के पास लाइसेंस नहीं है। इसके अलावा सैंपल लेने के नाम पर विभाग के कुछ अफसर व्यापारियों का उत्पीड़न करते हैं। व्यापारियों ने लेट फीस पर भी सवाल उठाए। इन सवालों के जवाब में अभिहित अधिकारी ममता चौधरी ने कहा कि यदि व्यापारी अपनी बिल बुक छपवा चुके हैं तो वह अलग से मुहर बनवाकर लाइसेंस नंबर जरूर लिखे।
पुराने लाइसेंस की आईडी पासवर्ड के संबंध में उन्होंने कहा कि यदि कोई अपना आईडी और पासवर्ड भूल गया है या बदलवाना चाहता है तो वह खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन प्राधिकरण को मेल कर सकता है। वहां से उसका नया आईडी पासवर्ड उसको मिल जाएगा। लाइसेंस की लेट फीस को लेकर उन्होंने कहा कि यह निर्णय शासन स्तर का है। बैठक में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के के त्रिपाठी ने पोर्टल को लेकर बताया कि वह अभी नया है। कुछ तकनीकी समस्या थी, लेकिन वह दूर कर ली गई है। आगे भी उसमें प्राप्त सूचनाओं के आधार पर सुधार किया जाता रहेगा। इस अवसर पर दोनों अफसरों को सम्मानित भी किया गया। बैठक में तरुण सावला, राजेश अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, विभु अग्रवाल, अजय गुप्ता, दिनेश केसरवानी, अनूप जायसवाल, राजमोहन पुरवार, आशीष केसरी, अरविंद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।