Prayagraj News : गणपति पूजा के लिए प्रतिमा तैयार करते कलाकार।
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संगमनगरी में कोरोना संक्रमण न के बराबर होने के बावजूद इस बार गणपति महोत्सव पर महामारी के खौफ का असर दिखेगा। महोत्सव की आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर तैयारी की गई है, लेकिन सजगता और सतर्कता भी उतनी ही बरती जा रही है। कोविड संक्रमण फैलने की डर से पंडाल कहीं भी नहीं लगाए जाएंगे। प्रतिमाओं का आकार भी छोटा कर दिया गया है। भीड़ न लगने पाए, इसके लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी दायरा सीमित कर दिया गया है। भाद्रपद की चतुर्थी यानी 10 सितंबर से गणपति महोत्सव की शुरुआत होगी।
धार्मिक संस्थाओं, क्लबों से लेकर घरों तक भाद्रपद की चतुर्थी यानी शुक्रवार से गणपति बप्पा मोरया की धूम मचेगी। इसके लिए तैयरियां कर ली गई हैं। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को ढोल -नगाड़ों की थाप के बीच विधि विधान से भगवान विघ्नहर्ता भगवान गणेश की प्रतिमाएं प्रतिष्ठापित की जाएंगी। मूर्ति स्थापना के साथ ही गणपति महोत्सव का उल्लास भक्तों के बीच दिखाई देगा।
अलोपीबाग स्थित महाराष्ट्र लोक सेवक मंडल की ओर से गणपति महोत्सव की तैयारी की गई है। पूजा समिति के आर्डर पर कोलकाता के मूर्तिकार गौतम पाल ने गणेश प्रतिमा को अंतिम रूप दे दिया है। पहले इस समिति की ओर से पांच फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की जाती थी, लेकिन इस बार कोविड प्रोटोकॉल को देखते हुए सिर्फ डेढ़ फीट के गणपति की प्रतिमा की प्रतिष्ठापना होगी। सेवा मंडल के सह सचिव मनोज केलकर ने बताया कि इस बार बैठकी की मुद्रा में डेढ़ फीट के भगवान गणेश भक्तों को दर्शन देंगे। चतुर्थी को आचार्य सोम जी शास्त्री की अगुवाई में षोडशोपचार पूजन के साथ भगवान गणेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
इसी तरह दारागंज के उत्तराधि मठ में महाराष्ट्रीय तरुण मंडल की ओर से गणपति की नयनाभिराम प्रतिमा प्रतिष्ठापित की जाएगी। इस पूजा समिति ने भी प्रतिमा का आकार घटा दिया है। इस मठ परिसर में कोलकाता के कारीगरों ने ढाई फीट की गणेश प्रतिमा गढ़कर तैयार कर दी है। पूजा समिति के अध्यक्ष राघवेंद्र आचार्य ने बताया कि 16 सितंबर को कोरोना के नाश के लिए सहस्त्रनाम मोदक हवन होगा। इसके अलावा भजनों की भी प्रस्तुतियां की जाएंगी। इसी तरह गणपति महोत्सव एवं शोभायात्रा समिति की ओर से करैलाबाग की लाल कालोनी में भी गणेश प्रतिमा की भव्य झांकी सजाई जाएगी। जबकि सार्वजनिक गणेश महोत्सव समिति की ओर से पुराना बैरहना में छोटी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कर भगवान को मेवा और लड्डू का भोग लगाया जाएगा। उधर, सुभाष पूजा गणेश महोत्सव समिति की ओर से मम्फोर्डगंज में भी गणेशोत्सव की तैयारी की गई है।
मंदिरों में भी 10 दिनों तक मनेगा गणेशोत्सव
गणेश उत्सव 10 दिनों तक मनाया जाएगा। इसमें 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।दारागंज स्थित प्राचीन गणेश मंदिर और त्रिवेणी बांध स्थित गणेश मंदिर में 10 दिवसीय अनुष्ठान होंगे।
पूजा का मुहूर्त
चतुर्थी को दिन के 12:17 बजे से रात 10 बजे तक पूजा का मुहूर्त रहेगा।