Prayagraj News : रोडवेज बस में यात्रा करती महिलाएं।
- फोटो : प्रयागराज
रक्षा बंधन के अवसर पर रोडवेज बसों में रविवार को हजारों महिलाओं ने फ्री में सफर किया। इस दौरान एसी बसों में सफर के लिए ज्यादा मारामारी रही। लखनऊ जाने वाली एसी बसों का निर्धारित स्टेशनों पर ठहराव होने की वजह से कुछ महिला यात्रियों ने लखनऊ का टिकट कंडक्टर से लिया, लेकिन जब बस चली तो उसमें से कुछ महिलाएं लालगोपालगंज उतरीं तो कुछ कुंडा में। इस दौरान रोडवेज द्वारा यात्रियों की भीड़ को देखते हुए दिन भर 130 अतिरिक्त बसों का भी संचालन किया।
योगी सरकार सत्ता में आने के बाद से ही रक्षाबंधन पर महिलाओं को सरकार रोडवेज की सभी श्रेणी की बसों में फ्री सफर करवा रही है। रविवार को भी ऐसा ही हुआ। सिविल लाइंस बस स्टेशन पर लखनऊ जाने वाली एसी जनरथ बस में कुछ महिलाएं सवार हो गईं। एसी बस का स्टॉपेज ऊंचाहार, रायबरेली और लखनऊ होने की वजह से उन महिलाओं ने कहा कि उन्हें लखनऊ जाना है। महिलाओं को मैनुअली टिकट मुहर लगाकर दिया गया, लेकिन महिलाएं लालगोपालगंज और कुंडा में बस रुकवा कर उतर गई।
बस कंडक्टर ने कहा कि ऊंचाहार के पहले बस नहीं रुकेगी तो विवाद भी हुआ। बाद में बस रोकनी ही पड़ी। इससे बस में सफर करने से वे यात्री वंचित रह गए हैं जिन्हें लखनऊ ही जाना था। इसके पूर्व शनिवार रात 12 बजे से ही बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। रविवार शाम तक रोडवेज प्रयागराज रीजन में 35 हजार महिला यात्री फ्री में सफर कर चुकी थी। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि आजमगढ़, वाराणसी, गोरखपुर रूट पर यात्रियों की भीड़ ज्यादा रही। सुबह कानपुर रूट पर भी भीड़ रही। दिन भर में रूटीन बसों के अलावा 130 बसों ने अतिरिक्त फेरे भी लगाए।
रात 12 बजे के बाद बसों में बैठीं महिलाएं
शनिवार की रात गोरखपुर, आजमगढ़ जाने वाली तमाम महिलाएं अपने परिजनों के साथ नौ बजे ही बस स्टेशन पहुंच गई। लेकिन फ्री सफर के चक्कर में अधिकांश ने रात 12 बजे के बाद ही बसें पकड़ीं। क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन ने बताया कि शनिवार रात 12 बजे के बाद तमाम रूटों पर कई बसों का संचालन किया गया। रक्षा बंधन पर महिलाओं के लिए मैनुअली टिकट की व्यवस्था की गई थी। हालांकि उनसे इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा था।