कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर की आशंका के बीच वायरस के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस का घातक स्वरूप सामने से चिंताएं बढ़ गई हैं। दूसरी लहर में कोरोना के कहर से अब कुछ राहत मिली है, लेकिन तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। इस बीच डेल्टा प्लस वैरिएंट की एंट्री हुई है। कई प्रदेशों में डेल्टा प्लस वैरिएंट के भी काफी केस मिले हैं। फिलहाल यहां राहत है पर विशेषज्ञ स्थितियों पर नजर रख रहे हैं।
डेल्टा प्लस वेरियंट की आशंका के बीच बृहस्पतिवार को जिले में कोरोना के सिर्फ 11 मरीज चिह्नित किए गए। संक्रमितों की संख्या में चार की वृद्धि हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसे सामान्य बता रहे हैं। वहीं कई दिन बाद कोविड अस्पतालों में भर्ती किसी मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया गया। 11 लोगों ने कोरोना को मात दी, सभी ने होम आइसोलेशन पूरा किया है। राहत की बात यह भी रही कि उपचार के दौरान किसी संक्रमित की मौत नहीं हुई।
जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. एके तिवारी के मुताबिक जिले में 7902 लोगों की कोविड जांच की गई। जांच के दौरान 11 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। सभी को मामूली लक्षणों के कारण होम आइसोलेशन में रहकर इलाज कराने की सुविधा दी गई। वहीं 24 घंटे में 11 लोगों ने संक्रमण को मात दी। स्वस्थ होने वाले सभी मरीज होम आइसोलेशन में रहे।
डॉ. तिवारी के मुताबिक संक्रमण के प्रसार को रोकने और जांच का दायरा बढ़ाने का क्रम जारी है। कोविड जांच में लगी 50 मोबाइल टीमों को टीकाकरण के काम में लगाया गया है। संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर कोविड जांच के लिए टीमें लगाई गई हैं। फिलहाल टॉरगेट और फोकस जांच के दौरान संक्रमित नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने और भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
कोरोना संक्रमण काल की दूसरी लहर में ब्लैक फंगस पीड़ित चार मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया। बृहस्पतिवार को चार दिन के विशेष परीक्षण के बाद उन्हें संक्रमणमुक्त घोषित कर घर भेजा गया। एसआरएन अस्पताल में अब ब्लैक फंगस पीड़ित 16 मरीज भर्ती हैं।
सह प्रभारी कोरोना डॉ. सुजीत के मुताबिक अस्पताल में ब्लैक फंगस पीड़ित छह मरीजों की सर्जरी की गई। कुल 23 मरीज आए। इनमें दो को एजीपीजीआई लखनऊ, एक संक्रमित को दिल्ली रेफर किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बेहतर देखरेख के कारण चार मरीज स्वस्थ हुए हैं। सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया है।