कॉलेज में इस घटना को लेकर लारैब की काफी खिल्ली उड़ी थी। घर वापस जाकर उसने तय किया कि इसका बदला कंडक्टर की गर्दन काटकर लेगा। अपने पिता के पोल्ट्री फॉर्म से शुक्रवार की सुबह उसने चापड़ उठाया और औद्योगिक क्षेत्र के पास उसने कंडक्टर हरिकेश पर हमला कर दिया।
बीटेक के छात्र लारैब और कंडक्टर हरिकेश विश्वकर्मा के बीच टिकट के पैसों को लेकर तीन दिन पहले झगड़ा हुआ था। शांतिपुरम से कॉलेज आते समय उसने कंडक्टर को 15 दिए तो उसने 23 रुपये मांगे। लारैब ने रुपये नहीं दिए तो दोनों में विवाद शुरू हुआ। कंडक्टर ने क्लास की तमाम छात्र-छात्राओं के सामने लारैब को पैसों के लिए खरी-खोटी सुनाई।
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कॉलेज में इस घटना को लेकर लारैब की काफी खिल्ली उड़ी थी। घर वापस जाकर उसने तय किया कि इसका बदला कंडक्टर की गर्दन काटकर लेगा। अपने पिता के पोल्ट्री फॉर्म से शुक्रवार की सुबह उसने चापड़ उठाया और औद्योगिक क्षेत्र के पास उसने कंडक्टर हरिकेश पर हमला कर दिया।