शनिवार को मम्फोर्डगंज स्थित समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय में डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रताप की मौजूदगी में हुई बैठक में एसआरजी-एआरपी टीम ने बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी के नेतृत्व में संगमनगरी को निपुण जनपद बनाने के लिए पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ काम करने का संकल्प लिया।
जिलेभर के तीनों स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) सदस्यों और 100 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के पद से इस्तीफा देने के मामले में शनिवार को दोनों पक्ष बैकफुट पर आ गए। बृहस्पतिवार को इन्होंने बीएसए के कथित व्यवहार से आहत होकर पद से इस्तीफा दे दिया था। मामला तूल पकड़ने पर डायट प्राचार्य और बीएसए ने एसआरजी-एआरपी की बैठक ली, जिसके बाद इस्तीफे के फैसले को वापस ले लिया गया।
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शनिवार को मम्फोर्डगंज स्थित समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय में डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रताप की मौजूदगी में हुई बैठक में एसआरजी-एआरपी टीम ने बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी के नेतृत्व में संगमनगरी को निपुण जनपद बनाने के लिए पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ काम करने का संकल्प लिया। साथ ही, सरकारी योजनाओं से जुड़े प्राथमिकता वाले कार्य बाधित न हों, इसलिए सामूहिक इस्तीफे के निर्णय को वापस लिए जाने का फैसला लिया गया।
इन शिक्षकों के इस्तीफे सुर्खियां बनने पर बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रताप से जांच रिपोर्ट तलब कर ली। प्राचार्य ने दोनों पक्षों के बीच वार्ता के सहमति पत्र के साथ रिपोर्ट भेजी है। वायरल आडियो के संबंध में डायट प्राचार्य ने लिखा है कि एआरपी के गोद लिए स्कूलों को निपुण बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने दिसंबर-23 तक का समय तय किया है। इसी समयावधि में लक्ष्य पूर्ण करने का कर्तव्यबोध कराने व उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कार्रवाई की बात कही गई है।