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ससुर खदेरी नदी पर पुलिया बनने में अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में

Mon, 26 Jul 2021 11:01 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • पुलिस व राजस्वकर्मी भी रडार पर, आईजी ने दिया जांच का आदेश
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जांच-सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धूमनगंज में ससुर खदेरी नदी पर पुलिया बनने के मामले में जिम्मेदार भी रडार पर हैं। क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों-राजस्वकर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। दरअसल निर्माण शुरू होने से लेकर पुलिया बनने तक किसी को भी इसकी भनक नहीं लगी। न पुलिसकर्मियों और न ही राजस्वकर्मियों की ओर से इस मामले को लेकर अफसरों को सूचित किया गया। आईजी का कहना है कि ऐसे में इन कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी।
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इस मामले में दो दिन पहले धूमनगंज थाने में दो दिन पहले गुलबहार पुत्र मासूक अहमद निवासी लखनपुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि उसने ससुर खदेरी नदी पर पुलिया का निर्माण करवा लिया। ऐसा कछार की जमीन पर बनाए गए अवैध प्लाटों तक पहुंचने का रास्ता बनाने के लिए किया गया। राजस्वकर्मियों की जांच के बाद प्रशासनिक अफसरों के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। जांच पड़ताल में यह बात भी सामन आई है कि कछार की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर प्लाटिंग किए जाने और नदी पर पुलिया बनाए जाने के मामले में पुलिसकर्मियों व राजस्वकर्मियों की भी भूमिका संदिग्ध है।

दरअसल बड़े पैमाने पर कछार की जमीन पर प्लाटिंग किए जाने और नदी का प्रवाह रोककर पुलिया बनाए जाने का काम लंबे समय से चलने के बावजूद संबंधित कर्मचारियों को इसकी भनक नहीं लगी। उनकी ओर से इस संबंध में किसी भी प्रकार की सूचना अफसरों को नहीं दी गई। ऐसे में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मामले में आईजी केपी सिंह का कहना है कि फिलहाल अभियुक्त केखिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस व राजस्वकर्मियों की भी जांच कराई जाएगी कि उनकी ओर से इस मामले में अफसरों को क्यों नहीं सूचित किया गया।
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माफिया-भूमाफिया तो नहीं पीछे?
पुलिस का कहना है कि गुलबहार का अब तक कोई खास आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। ऐसे में इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे खेल में किसी माफिया-भूमाफिया का हाथ हो। जो गुलबहार को आगे कर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग के इस खेल को संचालित कर रहा हो।

अतीक के गुर्गों ने भी की थी प्लाटिंग
धूमनगंज में दो साल पहले बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध रूप से प्लाटिंग किए जाने के मामले सामने आए थे। पता चला था कि अतीक अहमद के भाई अशरफ व गुर्र्गों की ओर से लखनपुर, भीटी व अन्य कछारी इलाकों में सैकड़ों बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग कर दी। कुछ मामलों में जांच भी शुरू हुई लेकिन वक्त बीतने केसाथ ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

रसूलपुर मरियाडीह में भी कब्जाई सरकारी जमीन
धूमनगंज व आसपास के इलाकों में सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में रसूलपुर मरियाडीह उपरहार में 1.872 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया था। राजस्वकर्मियों की जांच में इसका खुलासा हुआ था। अवैध रूप से कब्जाई गई कुल जमीन का मूल्य 22 करोड़ से ज्यादा है। बड़ी बात यह है कि इस मामले में राजस्वकर्मियों की रिपोर्ट के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। 
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