महंत ने इशारे में आस्ट्रेलिया में आनंद की गिरफ्तारी को बनाया आधार
विदेशों में आनंद ने खुद को धर्मविरोधी गतिविधियों में शामिल कर लिया, जिसके कारण बाघंबरी मठ और हनुमान मंदिर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। उन्होंने इशारों में ही आस्ट्रेलिया में आनंद की गिरफ्तारी को इसका आधार बनाया था। इन्हीं सब तमाम कारणों से आनंद गिरि को उत्तराधिकारी पद से हटा दिया गया था। इससे पहले 29 अगस्त 2011 को नरेंद्र गिरि ने दूसरी वसीयत में आनंद गिरि को उत्तराधिकारी नियुक्त किया था।
नरेंद्र गिरि ने अपनी पहली वसीयत सात जनवरी 2010 को लिखी थी। इसमें उन्होंने स्वामी बलवीर गिरि को उत्तराधिकारी बनाया था। सीबीआई ने नरेंद्र गिरि की तीनों वसीयतों का उल्लेख चार्जशीट में किया है।
सुसाइड पूर्व वीडियो सबसे बड़ा सुबूत, फोरेंसिक एक्सपर्ट ने सही माना
नरेंद्र गिरि ने अपनी मौत से पहले सुसाइड पूर्व वीडियो बनाया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि खुदकुशी करने जा रहे हैं। इसकी वजह उन्होंने आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को बताई। कारण वही आपत्तिजनक वीडियो था, जिसका उन्होंने सुसाइड नोट में उल्लेख किया था। सीबीआई को उनके मोबाइल से दो वीडियो बरामद हुए थे, जो नरेंद्र गिरि ने बनाए थे। दोनों वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई गई। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने दोनों वीडियो को सही माना।