भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को महिलाएं पति के दीर्घायु और अखंड सुहाग की कामना से हरितालिका तीज व्रत धारण करेंगी। यह तिथि इस बार नौ सितंबर को पड़ रही है। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक तृतीया तिथि बुधवार आठ सितंबर की भोर 3:59 बजे लग रही है। बृहस्पतिवार नौ सितंबर की रात 2:14 बजे तक तृतीया रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी। चतुर्थी से युक्त तृतीया सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्रदाता होती है।
ज्योतिषियों के मुताबिक करीब 14 वर्ष बाद इस बार हर तालिका तीज पर रवि योग का दुर्लभ संयोग मिलेगा। इस बार तीज पर पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6:10 से रात 7:54 बजे तक है। वहीं शाम 5:14 बजे से सभी प्रकार के दोषों को विनाश करने वाला रवियोग का दुर्लभ संयोग प्राप्त होगा। ज्योतिषशास्त्र में रवि योग को बेहद प्रभावशाली माना गया है। कहा जाता है कि इस योग में कई अशुभ योगों के प्रभाव को कम करने की क्षमता है। इस शुभ योग में रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए शिव -पार्वती की पूजा कुंवारी कन्याओं के लिए विशेष फलदायी होगी। अगली स्लाइड में पढ़ें पूजन विधि...