सरकार बोली...चयन हुआ, पर नहीं हुई घोषणा
अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता पीके शाही ने सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि सात सितंबर 2020 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति की बैठक में याचियों का चयन 2020 के शिक्षक श्री पुरस्कार के लिए हुआ था। सक्षम स्तर से अनुमोदन भी प्राप्त हो चुका है। लेकिन, पुरस्कार दिए जाने की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। यह पुरस्कार केवल सेवारत शिक्षक को ही दिया जाना है।
कोर्ट ने जताई हैरानी
सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि चार साल बीतने के बाद भी याचियों को शिक्षक श्री पुरस्कार व उससे जुड़े लाभ अब तक प्राप्त न होना प्रथम दृष्टया अनुचित है। यह पुरस्कार उन्हें 2020 को शिक्षक दिवस पर ही मिल जाना चाहिए था। मामले से हैरान कोर्ट ने जुलाई में सरकार से चार हफ्ते में जवाब तलब किया था, जो मंगलवार को नियत सुनवाई की तारीख तक दाखिल नहीं हो सका।
ये है शिक्षक श्री पुरस्कार
प्रदेश सरकार की ओर से 29 दिसंबर 2021 को जारी शासनादेश के मुताबिक शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को शिक्षक श्री पुरस्कार से हर शिक्षक दिवस के दिन पांच सितंबर को सम्मानित किया जाएगा। इसके तहत उन्हें दो साल का सेवा विस्तार भी अनुमन्य होगा।