यात्रा पूरे प्रदेश में निकाली गई, लेकिन प्रयागराज में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी भी शामिल रहे। आनंद भवन के सामने दोनों नेताओं ने सफेद कबूतर उड़ाकर सौहार्द का संदेश देने के साथ यात्रा की शुरुआत की।
राहुल गांधी की ओर से निकाली गई भारत जोड़ो यात्रा की वर्षगांठ पर कांग्रेसियों ने बृहस्पतिवार को यात्रा निकाली। पं.नेहरू व इंदिरा गांधी की विरासत आनंद भवन से शुरू इस यात्रा की अगुवाई करके प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बड़ा संदेश देने के साथ पूर्वांचल में पार्टी के चुनावी रथ को भी रफ्तार देने की कोशिश की। इस दौरान प्रतीकों के जरिये सियासत को साधा गया। वहीं, नेताओं ने रास्ते में जगह-जगह रुककर सभी महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
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यात्रा पूरे प्रदेश में निकाली गई, लेकिन प्रयागराज में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी भी शामिल रहे। आनंद भवन के सामने दोनों नेताओं ने सफेद कबूतर उड़ाकर सौहार्द का संदेश देने के साथ यात्रा की शुरुआत की। यात्रा विश्वविद्यालय मार्ग, कटरा, मनमोहन पार्क होते हुए चंद्रशेखर आजाद पार्क तक गई। यात्रा में ज्यादातर स्थानीय नेताओं समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।
अजय राय का कहना था कि कांग्रेस भाईचारा कायम करने के साथ हर वर्ग के लोगों को एकजुट होने का काम करती है। इसी क्रम में राहुल गांधी ने देश में अमन व संविधान बचाने के लिए यात्रा निकाली थी। इसके विपरीत भाजपा नफरत फैलाने का काम करती है। उन्हाेंने कहा कि आनंद भवन हमारी विरासत है। इसलिए यहां से यात्रा की शुरुआत की गई।
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प्रमोद तिवारी बोले- एक देश एक चुनाव अव्यवहारिक
प्रमोद तिवारी का कहना था कि विपक्षी दलों के गठबंधन से सरकार और भाजपा पूरी तरह से डरी हुई है। उन्होंने कहा कि एक देश एक चुनाव पूरी तरह से आव्यवहारिक है। चुनाव आयोग भी असमर्थता जता चुका है। प्रमोद तिवारी ने यह भी कहा कि संसद का विशेष सत्र राजनीतिक दलों से बिना विचार किए बुलाया गया है। सनातन धर्म,भारत और इंडिया को लेकर छिड़ी बहस पर वह बहुत बोलने से बचते रहे।
यात्रा के बाद अजय राय ने लेटे हनुमानजी का दर्शन किया। इसके बाद वह पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी के घर भी गए। यात्रा में शहर अध्यक्ष प्रदीप मिश्र अंशुमन, गंगापार के अध्यक्ष सुरेश यादव, यमुनापार के अध्यक्ष अरुण तिवारी, कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष जितेंद्र नाथ सिंह, शेखर बहुगुणा, रघुनाथ द्विवेदी, मुकुंद तिवारी, विवेकानंद पाठक, प्रभाशंकर मिश्र, संजय तिवारी, किशोर वार्ष्णेय, हसीब अहमद रहे।
राहुल गांधी बनेंगे प्रधानमंत्री
गठबंधन का नेता कौन होगा इसे लेकर विपक्षी दलों में मंथन चल रहा है। इसके विपरीत कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी को अपना प्रधानमंत्री बता रहे हैं। यात्रा में इस बाबत लगातार गीत बजता रहा।
भिड़े कांग्रेसी
कांग्रेस की ओर से अमन और एकता को लेकर निकाली गई यात्रा भी विवादों से अछूती नहीं रही। कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजय तिवारी व सुभाष यादव के बीच धक्कामुक्की हुई। सुभाष यादव ने हाथापाई किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने थाने में भी तहरीर दी। वहीं, संजय तिवारी का कहना है कि एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं की सुभाष यादव से झड़प हो गई थी। वह बीच-बचाव के लिए गए थे।
प्रियंका गांधी के फूलपुर से चुनाव लड़ने की चर्चा, तैयार की जा रही जमीन
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की अगुवाई में प्रयागराज में यात्रा निकाले जाने को पूर्वांचल में कांग्रेस की सियासी विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी के साथ फूलपुर लोकसभा सीट से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की चर्चा भी तेज हो गई। सियासतदार प्रयागराज से चुनावी शंखनाद को कांग्रेस के लिए बेहतर विकल्प भी मान रहे हैं।
प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू की सीट से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की चर्चा काफी दिनों से है। पूर्व के चुनावों में भी इस तरह की चर्चाएं होती रही हैं। बृहस्पतिवार को निकाली गई यात्रा में कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए इस चर्चा को और बल मिल रहा है। नेताओं के अनुसार वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं तो गाेरखपुर सीएम योगी का सियासी केंद्र है।
ऐसे में पूर्वांचल की राजनीति में जमीन तैयार करने के लिए प्रयागराज कांग्रेस के लिए बेहतर विकल्प है। यहां की फूलपुर सीट गांधी परिवार की परंपरागत सीट भी रही है। हालांकि, अजय राय इस पर बोलने से बचते रहे। रायबरेली से सोनिया गांधी के चुनाव लड़ने की बात तो कही, लेकिन फूलपुर से प्रियंका गांधी की उम्मीदवारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व इस पर निर्णय लेगा।