उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान का बंटवारा जिन्ना के कहने पर नहीं हुआ था बल्कि हिंदू राष्ट्र महासभा के कारण हुआ था। लोग कहते हैं कि राम ने सरयू में समाधि ली थी, लेकिन मैं कहता हूं कि राम की मृत्यु सरयू में डूबने से हुई थी। कृष्ण की मौत एक बहेलिया के हाथों से हुई थी। मौर्य ने सत्ता में बैठे लोगों पर गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा, महंगाई चरम पर है। नौजवानों को लॉलीपॉप दिया जा रहा है। किसान भुखमरी के कगार पर हैं। धान बिचौलिये खा रहे हैं। किसानों को उचित मूल्य तक नहीं मिल रहा।
विशिष्ट अतिथि और मेजा विधायक संदीप पटेल ने कहा कि जिसका इतिहास नहीं होता वह गुलाम होता है। स्वामी प्रसाद मौर्य के सामाजिक परिवर्तन को रोका जा रहा है। विधायक ने कहा, जैसे राम का सम्मान हो रहा है, वैसे ही महात्मा बुद्ध का भी होना चाहिए। कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष पप्पू लाल निषाद, धनपत राम मौर्य, अमरनाथ चौधरी, रामकुमार कुशवाहा, डॉ. सुरेश मौर्य, सोमदत्त पटेल, प्रधान सुभाष रविंद्र जैसल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम संयोजक पवन सोनकर ने अतिथियों का स्वागत किया।