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Allahabad University: कमरे में बना रहे थे बम, तभी हो गया धमाका, दोनों छात्रों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

Wed, 13 Dec 2023 09:06 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पीसीबी हाॅस्टल के कमरा नंबर-68 में विश्वविद्यालय के एमए (मध्यकालीन इतिहास) का छात्र प्रभात यादव और छात्र प्रत्यूष अवैध रूप से रहते हैं। बुधवार की शाम करीब पांच बजे कमरे में जोरदार धमाका हुआ।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पीसीबी हाॅस्टल में बुधवार की शाम कमरा नंबर-68 में जोरदार धमाका हुआ। कमरे में मौजूद दो छात्र प्रभात यादव और प्रत्यूष सिंह बुरी तरह घायल हो गए। घटना में प्रभात का हाथ उड़ गया। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि दोनों छात्र कमरे में बम बना रहे थे, तभी धमाका हो गया। दोनों छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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पुलिस इस एंगल से कर रही जांच
सूचना पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। जांच शुरू कर दी गई है। यह भी जानकारी मिली है कि बुधवार को दिन में ही पीसीबी और हालैंड हाल हाॅस्टल के कुछ छात्रों में झगड़ा हुआ था। हाॅस्टल के कमरे में बम बनाने को उसी झगड़े से जोड़कर देखा जा रहा है।

हाॅस्टल के कमरा नंबर-68 हुआ कांड
पीसीबी हाॅस्टल के कमरा नंबर-68 में विश्वविद्यालय के एमए (मध्यकालीन इतिहास) का छात्र प्रभात यादव और छात्र प्रत्यूष अवैध रूप से रहते हैं। बुधवार की शाम करीब पांच बजे कमरे में जोरदार धमाका हुआ। आसपास के कमरों में रहने वाले छात्र मौके पर पहुंचे तो देखा कि पूरे कमरे में धुंआ भरा है। धमाके में प्रभात यादव का हाथ उड़ गया था और उसके सीने, चेहरे व शरीर के अन्य अंग बुरी तरह झुलस गए थे। प्रत्यूष भी धमाके में घायल हुआ लेकिन उसकी चोटें ज्यादा गंभीर नहीं थीं और वह तुरंत कमरे से निकलकर फरार हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को सूचना देकर छात्र प्रभात को बेली अस्पताल और बाद में एसआरएन अस्पताल ले गए। विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर समेत तमाम अधिकारी भी वहां पहुंचे।
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घटना के बाद पुलिस अधिकारी पहुंचे
दूसरी ओर पुलिस विभाग के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान कई छात्र पहले ही भाग निकले। जो थे, उनसे पूछताछ की गई। एसीपी राजेश यादव ने बताया कि अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि प्रभात और प्रत्यूष अवैध रूप से इस कमरे में रह रहे थे। कमरा आयुष कुमार और विशाल कुमार के नाम पर आवंटित है। आयुष इस समय गांव गया है।

विशाल से पुलिस पूछताछ कर रही है कि प्रभात और प्रत्यूष कब से वहां रह रहे हैं। एसीपी के मुताबिक प्रभात और प्रत्यूष कमरे में बम बना रहे थे, उसी समय धमाका हो गया। प्रत्यूष कम घायल था, जिसके चलते वह भाग निकला। जांच की जा रही है कि छात्रों के पास बम बनाने का सामान कहां से आया। घायल का इलाज अस्पताल में कराया जा रहा है।

दीवार और खिड़की से चिपके थे मांस से लोथड़े
पीसीबी हाॅस्टल के कमरा नंबर-68 में पुलिस और विश्वविद्यालय के अधिकारी पहुंचे तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था। खिड़की, दरवाजे और दीवारों पर मांस के लोथड़े चिपके थे। कमरे में किताबों समेत कोई भी सामान साबुत नहीं बचा था। चीफ प्रॉक्टर डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि प्रभात यादव गाजीपुर के भटुअला गांव का रहने वाला है। उसके परिवार वालों से संपर्क किया जा रहा है।

पीसीबी हॉस्टल में बम बनाते समय छात्र बुरी तरह से घायल हुआ है। हॉस्टल में फोर्स तैनात कर दी गई है। दोनों छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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- दीपक भूकर, डीसीपी सिटी

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