इनमें आधे से अधिक परीक्षार्थी ऐसे हैं जो सामूहिक नकल या अलग से नकल करते हुए पकड़े गए थे। कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इन परीक्षार्थियों को पास होने का एक अन्य अवसर प्रदान किया गया है। मॉस कॉपी/यूएफएम में आरोपित परीक्षार्थी केवल उसी प्रश्नपत्र की परीक्षा दे सकेंगे, जिसमें वे नकल करते हुए पकड़े गए थे और उनकी संबंधित प्रश्नपत्र की परीक्षा निरस्त कर दी गई थी।
राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षा नियंत्रक डॉ.विनीता यादव ने संघटक महाविद्यालयों के प्राचार्यों से कहा है कि अपने महाविद्यालय के वार्षिक परीक्षा के तहत स्नातक (बीए, बीएसी एवं बीकॉम) पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं को सूचित करते हुए परीक्षा फॉर्म निर्धारित समय सीमा में भरवाना सुनिश्चित करें।