कौंधियारा। कठौली कंचनवा गांव के सोनू यादव का शव बुधवार को ग्रामीणों ने चार घंटे तक उठने नहीं दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी होती रही। ग्रामीणों की मांग थी कि प्रशासन के लोग सोनू की पत्नी को नौकरी की घोषणा करे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनके मांगपत्र को शासन तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
कठौली कंचनवा गांव के सोनू यादव ने सोमवार को व्हाट्सएप स्टेटस पर एक वीडियो लगाया था, जिसमें जातिगत टिप्पणी थी। गांव के प्रीतम सिंह, पीएम सिंह आदि ने इस पर ऐतराज जताया। इसी बात पर विवाद हुआ। प्रीतम सिंह, पीएम सिंह, शिशुपाल सिंह समेत चार लोगों ने सोनू की लाठी डंडों से पिटाई कर दी। लाठी सिर में लगने से सोनू को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद गांव में जबर्दस्त तनाव हो गया। फोर्स तैनात कर दी गई। बुधवार की सोनू के शव का पोस्टमार्टम होना था लेकिन ग्रामीण चारों आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े थे।
करीब चार घंटे तक पुलिस ने प्रयास किया लेकिन शव नहीं उठने दिया गया। ग्रामीणों का कहना था कि परिवार को एक लाइसेंसी असलहा दिलवाया जाए। सोनू की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए और 50 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए। सीओ करछना, सीओ बारा समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाया बुझाया। आश्वासन दिया कि उनकी मांग को शासन तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण माने। गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। एसओ कौंधियारा प्रिंस दीक्षित ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।