प्रयागराज जंक्शन में रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए सौ से अधिक टीटीई द्वारा घर बैठे वेतन-भत्ता लेने के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई हुई। इस मामले में डीआरएम मोहित चंद्रा के निर्देश पर सीआईटी रोस्टर (मुख्य टिकट निरीक्षक ) एसके पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा सीआईटी रोस्टर के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। इस बीच बुधवार को दिल्ली से आई विजिलेंस की एक टीम जांच के लिए जंक्शन पहुंची। यहां विभाग के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
रोस्टर में फर्जी तरीके से टीटीई के हस्ताक्षर करा लेने के मामले में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के अलावा आगरा एवं झांसी मंडल के भी कुछ कर्मचारी रडार पर आ गए हैं। दरअसल पीएमओ और रेल मंत्रालय को भेजे गए पत्र में प्रयागराज के सीआईटी रोस्टर के साथ आगरा, कानपुर, झांसी , टूंडला के भी कुछ कर्मचारियों के नाम का उल्लेख किया गया है। मंडल स्तर पर इसकी जांच भी शुरू हो गई है। खास बात यह कि शिकायत कर्ता संतोष उपाध्याय ने यह मांग की है कि टीटीई के मोबाइल लोकेशन की भी जांच की जाए। शिकायती पत्र में प्रयागराज के एक सीआईटी का नाम पूर्व सांसद अतीक अहमद से भी जोड़ा गया है। इसके अलावा सीआईटी रोस्टर एसके पांडेय के बैंक स्टेटमेंट की सूची भी उसमें संलग्न की गई है।
रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर कराने के मामले में रेलवे का अब डिजिटाइजेशन पर जोर है। प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह बताते हैं कि गार्ड और ड्राइवर लॉबी की तर्ज पर अब सीआईटी लाइन में भी कर्मचारियों का साइन इन और साइन ऑफ होगा। इसके अलावा सीआईटी लाइन में सीसीटीवी कैमरे भी लगा दिए गए हैं। ताकि यह मालूम पड़ सके कि वहां ड्यूटी के दौरान टीटीई कितने बजे पहुंच रहे हैं।