इतना ही नहीं, यहां संबंधित स्टेशनों पर होने वाले कार्य की मॉनिटरिंग भी एनसीआर जीएम और डीआरएम प्रयागराज द्वारा की जा सकेगी। महाकुंभ को लेकर चल रहे उत्तर रेलवे के कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं है। एनसीआर के एक अफसर ने बताया कि अगर यह स्टेशन एनसीआर के अधीन होते तो यहां से स्थानीय स्तर पर उन कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग हो जाती।
यूं तो इस बार एनसीआर को तीनों जोनल रेलवे का नोडल बनाया गया है। लेकिन, फिर भी एनईआर और एनआर के स्टेशनों पर चल रहे कार्य की गति धीमी है। रेलवे बोर्ड तक भी यह मामला पहुंच चुका है। इसी वजह से चर्चा इस बात की है कि विलय संबंधी मामले में रेलवे बोर्ड जल्द कोई निर्णय ले सकता है।
संगमनगरी स्थित दूसरे जोनल रेलवे के स्टेशनों का एनसीआर में विलय का मामला रेलवे बोर्ड पहुंचा है। इस बारे में सीनियर अफसरों से बातचीत चल रही है। इसके बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा। -
जया वर्मा सिन्हा, चेयरमैन रेलवे बोर्ड