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तमंचे के बल पर ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से साढ़े सात लाख लूटे 

Wed, 24 Nov 2021 01:01 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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कोरांव एसबीआई से मंगलवार को रुपये निकालकर लौट रहे ग्राहक सेवा केंद्र संचालक को तमंचा सटाकर तीन बदमाशों ने साढ़े सात लाख रुपये लूट लिए। बेलहा मोड़ के पास अपाचे सवार बदमाशों ने केंद्र संचालक की बाइक रोकी और रुपये, लैपटॉप और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। सूचना पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को पकड़ा है। बैंक और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हुलिए के आधार पर बदमाशों की खोजबीन की जा रही है। क्राइम ब्रांच को भी खुलासे के लिए लगाया गया है। 
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कोरांव थाना क्षेत्र के बेलहट गांव निवासी सुशील कुमार सिंह मांडा थाना क्षेत्र के हाटा बाजार में एसबीआई बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं। सुशील प्रतिदिन एसबीआई से रुपये निकालकर ग्राहक सेवा केंद्र जाते थे। मंगलवार को भी वह एसबीआई की कोरांव शाखा पहुंचे। वहां से उन्होंने पांच लाख 60 हजार रुपये निकाले। सुशील के पास पहले से एक लाख 90 हजार थे।


कुल साढ़े सात लाख रुपये एक बैग में रखकर सुशील सेवा केंद्र की तरफ बाइक से चल पड़े। दोहथा नहर के पास बेलहा मोड़ के पास पहुंचे थे कि पीछे से अपाचे बाइक सवार तीन बदमाशों ने सुशील की बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया। बदमाशों ने तमंचा निकालकर सुशील से साढ़े सात लाख रुपयों से भरा बैग, लैपटॉप और मोबाइल लूट लिया। लूटपाट कर तीनों बदमाश बाइक से कोरांव की तरफ भाग निकले। सुशील ने राहगीरों की सहायता लेते हुए घटना की सूचना पुलिस को दी। 
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सूचना पर मांडा व कोरांव थाने की पुलिस मौके पर पंहुची। एसबीआई कोरांव का सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया। कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बदमाशों ने सुशील का मोबाइल आगे जाकर खजूरी गांव के पास फेंक दिया था। किसी राहगीर ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर अवन कुमार दीक्षित ने बताया कि सुशील ने बदमाशों के  जो हुलिए बताए हैं, उसके आधार पर खोजबीन की जा रही है। पुराने बदमाशों को हिरासत में लिया गया है। उनसे लोकेशन पूछी जा रही है। 

कई दिनों की रेकी के बाद दिया घटना को अंजाम 

बदमाशों ने जिस तरह घटना को अंजाम दिया, उससे साफ है कि कई दिनों की रेकी की गई थी। बदमाशों को न केवल सुशील के ग्राहक सेवा केंद्र जाने का रूट मालूम था बल्कि यह भी पता था कि उसके पास बड़ी रकम होती है। उन्होंने सुशील का मोबाइल छीन लिया था लेकिन आगे फेंक दिया ताकि वह तुरंत पुलिस को सूचना न दे पाए। पुलिस ने बैंक से पिछले कई दिनों की फुटेज मांगी है। 
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