केस -2
करछना की रहने वाली आरती की शादी मांडा के रहने वाले अजीत कुमार के साथ हुई थी। घरेलू बात को लेकर दोनों के बीच झगड़े हुए और बात बिगड़ते चली गई। घर वालों व रिश्तेदारों ने कई बार समझाया, लेकिन दोनों में बात नहीं बनी। अंत में दोनों का मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा, जहां डेढ़ साल में तीन बार दोनों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराया गया। उसके बाद चौथी बार में दोनों के बीच की कड़वाहट खत्म हो गई और साथ रहने के लिए मान गए।
केस- 3
सरायइनायत क्षेत्र निवासी गायत्री कुमारी की शादी सरायममरेज के रहने रहने वाले रामजियावन के साथ हुई थी। दोनों के बीच में किसी बात को लेकर अनबन हुआ तो दोनों अपना रास्ता अलग कर लिया। करीब दो साल तक परिवार परामर्श केंद्र में मामला चलने के बाद सातवीं बार दोनों के बीच बातचीत कराने के बाद एक-दूसरे के प्रति प्रेम उमड़ पड़ा और परामर्श केंद्र के अंदर ही एक-दूसरे को वर माला पहनाकर पूरी जिंदगी साथ रहने का कसम खा लिया।
परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी इंस्पेक्टर रचना सिंह बताती हैं कि किसी भी दंपति को अपने बीच हुई छोटी-छोटी बातों को अपने परिजनों से नहीं कहनी चाहिए। इन्हीं बातों की वजह से कई बार बात बहुत बढ़ जाती है, जिससे रिश्ते टूटने के कगार पर आ जाते हैं। अच्छा यही होता है कि एक-दूसरे की बातों को नजर अंदाज करते चलें। दोनों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। यदि किसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ रही हो तो पति-पत्नी में से एक को शांत हो जाना चाहिए। इन्हीं छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर परिवार को टूटने से बचाया जा सकता है।