मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय में एक करोड़ रुपये के गबन के मामले में सीबीआई की टीम ने एक बार फिर से बुधवार को रेलकर्मियों से पूछताछ की। सीबीआई टीम के एक बार फिर से डीआरएम ऑफिस पहुंचने से हड़कंप मच गया। इस दौरान सीबीआई के अफसर काफी देर तक लेखा विभाग में मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान सीबीआई को कई अहम एवं लेनदेन के पुराने रिकार्ड मिले। चर्चा है कि इस घोटाले में शामिल रहे अफसरों और कर्मचारियों की गर्दन सीबीआई जांच में फंसनी तय है।
दरअसल डीआरएम आफिस के कार्मिक विभाग में कर्मचारियों के वेतन के नाम पर जुलाई 2019 में 1.45 करोड़ रुपये भेजे गए थे। इसमें से एक करोड़ रुपये का गबन हो गया था। पैसे को अलग-अलग खाते में भेजा गया था, ताकि जांच होने पर मामला पकड़ में न आए। मगर गबन की जांच की जब परतें खुलना शुरू हुई तो धीरे-धीरे कई लोग इसकी जद में आ गए। बाद में सीबीआई ने यहां तैनात रहे सहायक कार्मिक अधिकारी (एपीओ) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
इसी दौरान आरोपी एपीओ का एनसीआर मुख्यालय में तबादला हो गया। जुलाई 21 के बाद सीबीआई की टीम पिछले माह के आखिरी सप्ताह भी इसी मामले की जांच करने के लिए आई थी। अब एक बार फिर से सीबीआई टीम यहां बुधवार को पहुंची। बुधवार को सीबीआई टीम का ज्यादा वक्त लेखा विभाग में ही गुजरा। यहां और कार्मिक विभाग में सीबीआई को कई पुराने लेनदेन के रिकार्ड भी मिले।
सूत्र बताते हैं इस मामले में सीबीआई जल्द ही कुछ बड़े खुलासे कर सकती है। उस कंप्यूटर को भी देखा गया जिससे रकम ऑन लाइन ट्रांसफर की गई। घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने प्रयागराज की पुलिस लाइंस में ही अपना कैंप कार्यालय भी बना लिया है।