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UPPSC : लोकसभा चुनाव के बाद ही आरओ/एआरओ पुनर्परीक्षा होने के आसार, एक सप्ताह में जारी हो सकती है अधिसूचना

Mon, 04 Mar 2024 01:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यूपीपीएससी की समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा को निरस्त करने के बाद दोबारा परीक्षा कराने की चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि चुनाव आदर्श आचार संहिता जारी होने के पहले ही परीक्षा के लिए अधिसूचना जारी की जा सकती है। 
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यूपीपीएससी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शासन ने समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 निरस्त करने के साथ ही छह माह में पुनर्परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। लोकसभा चुनाव करीब है और अगले हफ्ते अधिसूचना जारी हो सकती है। ऐसे में पुनर्परीक्षा चुनाव के बाद ही कराए जाने के आसार हैं।

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पेपर लीक मामले में निरस्त की गई आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 आयोग के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा थी, क्योंकि आयोग की किसी भी परीक्षा के लिए पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आए थे। आरओ/एआरओ के 411 पदाें के लिए 1070004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रदेश के 58 जिलों में 2387 केंद्र बनाए गए थे।

11 फरवरी को प्रारंभिक परीक्षा में 64 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए थे। यानी सात लाख अभ्यर्थी पेपर लीक के शिकार बने। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) पुनर्परीक्षा के लिए दोबारा आवेदन नहीं लेगा। ऐसे में परीक्षा जब भी हो आयोग के सामने वही चुनौतियां होंगी, जो 11 फरवरी की परीक्षा में थीं, सो प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए आयोग और स्थानीय प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।

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केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में हो सकते हैं बदलाव

सूत्रों का कहना है कि आयोग प्रश्नपत्राें को ऐसे बक्सों में रखवाने की तैयारी कर रहा है, जिनमें डिजिटल लॉक हो और लॉक का कोड केवल आयोग के पास हो। परीक्षा शुरू होने से कुछ देर पहले केंद्रों को कोड की जानकारी दी जाए और बक्से खोलकर पेपर निकाले जाएंगे। इसके अलावा कुछ अन्य एहतियाती कदम भी उठाए जा सकते हैं और इन सबमें थोड़ा वक्त लग सकता है। केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया में भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।

वैसे भी चुनाव से पहले आरओ/एआरओ और पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने से भर्ती संस्थाओं की काफी किरकिरी हुई है। इन घटनाओं ने विपक्ष को भी हमले का मौका दे दिया है। अगर चुनाव से पहले आयोग फिर से अपने इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा दोबारा कराता है तो किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर आयोग के लिए जवाब देना मुश्किल होगा। इन परिस्थतियों में पुनर्परीक्षा चुनाव के बाद ही कराए जाने की उम्मीद है।
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आयोग के सामने अगली चुनौती पीसीएस-2024

आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा निरस्त किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सामने अगली चुनौती पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 का आयोजन है, जो 17 मार्च को प्रस्तावित है। पीसीएस के 220 पदों के लिए 574538 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। प्रारंभिक परीक्षा प्रदेश के 54 जिलों में होगी। परीक्षा दो पालियों में सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और अपराह्न 2:30 से 4:30 बजे तक होगी।


प्रश्नपत्रों को कोषागारों में सुरक्षित रखवाना और परीक्षा वाले दिन उन्हें कोषागार से परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन पर होती है। ऐसे में परीक्षा के सकुशल और निष्पक्ष आयोजन का जिम्मा स्थानीय प्रशासन पर भी होगा। पूर्व में पीसीएस-2015 की प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक की घटना हो चुकी है और आयोग को परीक्षा दोबारा करानी पड़ी थी।
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