सोमवार को मऊआइमा में आसमान से बरसे ओले।
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तेज हवाओं संग बारिश ने रविवार को शहर से गांव तक मुश्किलें बढ़ा दीं। भीरपुर, सैदाबाद, बारा, नवाबगंज, मऊआइमा, मेजा में चना, मसूर, मटर की फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जबकि कौंधियारा में ओले गिरने से फसलें चौपट हो गई हैं। घूरपुर के चंपतपुर में शादी का पंडाल गिर गया। गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वहीं, नवाबगंज में तीन दर्जन भट्ठों पर कच्ची ईंटें गल गईं। शहरी इलाकों में सड़कें कीचड़ से सन गईं। मौसम केंद्र के अनुसार शाम तक 0.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मऊआइमा ब्लॉक में सोमवार को सुबह भी ओलों की बारिश हुई। इससे फसलों को काफी नुकसान हो रहा है।
पिछले दो दिनों से जिले में बारिश का मौसम बना हुआ है। शनिवार देर शाम शुरू हुई बारिश भोर तक होती रही। रविवार सुबह आठ बजे मौसम कुछ तक साफ रहा, लेकिन तेज हवाएं चलती रहीं। शाम चार बजे के बाद बिजली की गड़गड़ाहट संग एक फिर बारिश शुरू हो गई। एक घंटे तक चली बारिश ने सर्दी का अहसास कराया।
बारिश के चलते खड़ी फसलें खेतों में गिर गई हैं.
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रात आठ बजे के बाद फिर झमाझम बारिश होने लगी। इस दौरान एनसीजेडसीसी में लगे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले को समय से पहले ही बंद करना पड़ा। मेले में पहुंची भीड़ बारिश से तितर-बितर हो गई। मौसम विज्ञानी डॉ.शशिकांत राय के मुताबिक सोमवार को बदली रहेगी और बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, दोपहर बाद मौसम साफ रहेगा, लेकिन हवाएं चलती रहेंगी। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में लगातार परिवर्तन से सर्दी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस समय स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें।
बिजली गिरने से महुए के पेड़ में लगी आग।
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बिजली गिरने से महुआ के पेड़ में लगी आग
चायल तहसील क्षेत्र के सुरसेना गांव में रविवार की मध्य हुई बारिश में बिजली गिरने से महुआ के पेड़ में आग लग गई। सुबह खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने देखा तो पेड़ का तना धू धूकर जल रहा था। पेड़ की टहनियां खेतों में टूटकर बिखरी पड़ी थीं। ग्रामीणों ने बगल में स्थित तालाब से बाल्टी से पानी डालकर किसी तरह आग बुझाया। आग बुझने के बाद भी कई घंटों तक पेड़ से धुंआ उठता रहा।