केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में हो सकते हैं बदलाव
सूत्रों का कहना है कि आयोग प्रश्नपत्राें को ऐसे बक्सों में रखवाने की तैयारी कर रहा है, जिनमें डिजिटल लॉक हो और लॉक का कोड केवल आयोग के पास हो। परीक्षा शुरू होने से कुछ देर पहले केंद्रों को कोड की जानकारी दी जाए और बक्से खोलकर पेपर निकाले जाएंगे। इसके अलावा कुछ अन्य एहतियाती कदम भी उठाए जा सकते हैं और इन सबमें थोड़ा वक्त लग सकता है। केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया में भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।
वैसे भी चुनाव से पहले आरओ/एआरओ और पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने से भर्ती संस्थाओं की काफी किरकिरी हुई है। इन घटनाओं ने विपक्ष को भी हमले का मौका दे दिया है। अगर चुनाव से पहले आयोग फिर से अपने इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा दोबारा कराता है तो किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर आयोग के लिए जवाब देना मुश्किल होगा। इन परिस्थतियों में पुनर्परीक्षा चुनाव के बाद ही कराए जाने की उम्मीद है।
आयोग के सामने अगली चुनौती पीसीएस-2024
आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा निरस्त किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सामने अगली चुनौती पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 का आयोजन है, जो 17 मार्च को प्रस्तावित है। पीसीएस के 220 पदों के लिए 574538 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। प्रारंभिक परीक्षा प्रदेश के 54 जिलों में होगी। परीक्षा दो पालियों में सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और अपराह्न 2:30 से 4:30 बजे तक होगी।
प्रश्नपत्रों को कोषागारों में सुरक्षित रखवाना और परीक्षा वाले दिन उन्हें कोषागार से परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन पर होती है। ऐसे में परीक्षा के सकुशल और निष्पक्ष आयोजन का जिम्मा स्थानीय प्रशासन पर भी होगा। पूर्व में पीसीएस-2015 की प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक की घटना हो चुकी है और आयोग को परीक्षा दोबारा करानी पड़ी थी।