कर्नलगंज स्थित गंगा हास्पिटल के मालिक डाक्टर ओपी गुप्ता ने आईसीआईसीआई प्रू स्मार्ट लाइफ के सीईओ एसएन कनान समेत सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें दो एजेंट तथा बैंक के चार अधिकारी शामिल हैं। डा. गुप्ता का कहना है कि बैंक ने उनसे बिना पूछे उनकी पालिसी के पैसे कहीं और लगा दिए जिससे उन्हें लाखों का घाटा हुआ।
डा. ओपी गुप्ता के मुताबिक उन्होंने अपने बेटे के नाम पर 2015 में आईसीआईसीई प्रू स्मार्ट लाइफ के एजेंट जगत पाल द्विवेदी और वैभव त्रिपाठी के मार्फत पांच लाख रुपये सलाना वाली पालिसी ली थी। 26 मई तक उन्होंने तकरीबन 35 लाख रुपये जमा किए थे। पैसे मैक्सीमाइज इंडियन फंड में जमा हो रहे थे। इसी बीच पता चला कि बैंक ने 2019 में उनकी जानकारी के बगैर पैसे अपने इनकम फंड में स्थानांतरित दिखा दिया जिससे कि उन्हें लाखों का घाटा उठाना पड़ा।
डाक्टर का कहना है कि बैंक अधिकारियों धोखाधड़ी और कूटरचना से रुपये ट्रांसफर किए जिससे पालिसी की वैल्यू 35 लाख से घटकर 23 लाख हो गई। उन्होंने बैंक को नोटिस भी भेजा जिसका कोई जवाब नहीं आया। मई महीने में एक एसएमएस आया जिसमे पालिसी को सरेंडर वैल्यू के साथ उनके खाते में स्थानांतरित करने की बात कही गई।
अगस्त में मैसेज आया कि पैसे भेज दिए गए लेकिन पैसा नहीं आया। डा. गुप्ता ने अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद बैंक के सीईओ एसएन कनान, बैंक अफसर मनीष पिल्लई, ब्रांच हेट सुनील पांडेय, मैनेजर आशीष मेहरोत्रा और दो एजेंट जगत पाल व वैभव त्रिपाठी के खिलाफ धारा 419,420 और 406 के तहत एफआईआर दर्ज करा दी गई।