फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raksha Bandhan : पंच महायोग में बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी स्नेह की डोर, तिलक लगाकर दीर्घायु की कामना की

Mon, 19 Aug 2024 03:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

भाई और बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन पर्व परंपरागत तरीके से धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने शुभ मुहुर्त में भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। भाइयों ने भी यथाशक्ति उपहार देकर बहनों की रक्षा का संकल्प लिया।
विज्ञापन
रक्षा बंधन पर अपनी बहन कमलेश मौर्या से राखी बंधवाते उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भाई और बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन पर्व परंपरागत तरीके से धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने शुभ मुहुर्त में भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। भाइयों ने भी यथाशक्ति उपहार देकर बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। सुबह से ही राखी और मिठाई की दुकानों पर भारी भीड़ रही। शुभ मुहुर्त में रक्षा बंधन का पर्व मनाया गया।

विज्ञापन











पार्क, होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल्स के अलावा बाजार में रेडीमेड, कपड़े, मोबाइल और ज्वेलरी के दुकानों पर काफी भीड़ रही। प्रतापगढ़ और कौशाम्बी में भी रक्षा बंधन का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। बहनों ने रोली, अक्षत का तिलक लगाकर भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी बहन कमलेश मौर्या से राखी बंधवाई। इसका फोटो भी उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर साझा किया। इसी तरह पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता ने पुलिसकर्मियों और सेना के जवानों को राखी बांधी। 

पुलिस कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को राखी बांधतीं पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी। - फोटो : अमर उजाला।
शुभ योग में मनाया गया भाई-बहन का त्योहार

रक्षाबंधन पर सोमवार को इस बार पंच महायोग का संयोग रहा। सोमवार को रवि योग, शश राजयोग, शोभन योग, बुधादित्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, शुक्रादित्य योग और लक्ष्मी नारायण योग का मिलन का योग बना। सावन के आखिरी सोमवार के साथ सावन की पूर्णिमा का संयोग इस पर्व को और भी खास बना दिया। सुबह से 10 घंटे तक भद्राकाल रहा। दोपहर 1.24 बजे के बाद शुभ मुहूर्त में राखियं बांधी गईं।
विज्ञापन

कौशाम्बी में भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन। - फोटो : संवाद
ज्योतिषाचार्य डॉ. बर्जेंद्र मिश्र के अनुसार शनि अपनी स्वराशि कुंभ में विराजमान रहेंगे तो सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे। इस बार रक्षाबंधन का समय व मुहूर्त भी खास है। मान्यता के अनुसार भद्रा काल में राखी बांधना वर्जित माना गया है। इस काल में रक्षाबंधन को अशुभ और अकल्याणकारी बताया गया है। पंचांग के अनुसार सोमवार की दोहपर 1.24 बजे तक भद्राकाल है। इसलिए सोमवार को 1.25 बजे के बाद ही रक्षा बंधन मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन का मुहूर्त दोपहर बाद से रात 12.28 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार रविवार की रात 2.21 बजे से सोमवार को दिन 1.24 बजे तक भद्रा है। ऐसे में भद्रा के बाद ही रक्षांबधन का पर्व मनाया गया। भद्रा में श्रावणी, रक्षाबंधन और होलिका दहन नहीं होता। इस बार रक्षाबंधन पर्व पर सोमवार को सुबह से लगातार 10 घंटे तक भद्राकाल रहा। ऐसे में बहनों को शुभ मुहूर्त के लिए इंतजार किया। प्रदोष काल में शाम 6:56 से रात 9:08 बजे तक राखी बांधी जा सकेंगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें