Prayagraj News : माघ मेले में आयोजित भारतीय किसान यूनियन के चिंतन शिविर में पहुंचे राकेश टिकैत।
- फोटो : प्रयागराज
किसानों के मुद्दों पर धर्म की राजनीति हावी- टिकैत
राकेश टिकैत रविवार की दोपहर ही विमान द्वारा दिल्ली से प्रयागराज पहुंचे। माघ मेला स्थित भाकियू के शिविर में पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के मुद्दों पर जाति और धर्म की राजनीति हावी है। किसान भी जाति और धर्म के नाम पर बंटा हुआ है। लेकिन यह सिर्फ 10 मार्च तक ही रहेगा। कहा कि पीएम मोदी भी किसानों के लिए एक शब्द नहीं बोलते।
कहा कि पीएम के आश्वासन पर किसानों ने 13 माह तक चले आंदोलन को समाप्त कर दिया, लेकिन अब वादाखिलाफी की जा रही है। कहा कि सभी राज्यों से बात करके न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एक मत बनाया जाएगा। उसी के आधार पर केंद्र सरकार के साथ बात होगी। सरकार एमएसपी पर गारंटी कानून क्यों नहीं बना रही है।
धान खरीद में किसानों को राहत भी नहीं दी जा रही है। विधानसभा चुनाव में समर्थन दिए जाने के सवाल पर टिकैत ने कहा कि जो दल किसानों की समस्या का समाधान करेगा उसी को हमारा समर्थन रहेगा। अगर बीजेपी हमारी समस्याओं का समाधान करती है तो हमारा वोट उसके पक्ष में होगा, और अगर नहीं करती है तो सीधे तौर पर वोट हम विपक्ष को देंगे।
अगर विपक्ष मजबूत होगा तभी सरकार सही से काम कर पाएगी। उन्होंने कहा कि 21 जनवरी को वह लखीमपुर खीरी जाएंगे। वहां पीड़ित परिवार से मिलने के साथ जेल में बंद किसानों से मुलाकात करेंगे।
नई सरकार के गठन के बाद होगी वार्ता
टिकैत ने कहा कि भाकियू का माघ और कुंभ मेला में हर वर्ष चिंतन शिविर लगता रहा है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। इसमें किसानों के मुद्दों, उनके हित के साथ ही संगठन को और मजबूत कैसे किया जाए, इस पर विचार-विमर्श होगा। चिंतन शिविर में विधान सभा चुनाव का नहीं बल्कि आंदोलन का एजेंडा तय होगा।
अभी जिन राज्यों में चुनाव हो रहा है, वहां नई सरकार के गठन के बाद किसानों के हित से जुड़े मामलों पर चर्चा की जाएगी। इसके पूर्व प्रयागराज आगमन पर भाकियू जिलाध्यक्ष अनुज सिंह समेत तमाम पदाधिकारियों ने टिकैत का स्वागत किया। तीन दिवसीय प्रवास पर प्रयागराज पहुंचे टिकैत ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।