कई जिलों में पड़ेगा असर
अब केशव का सियासी कद बहुत बड़ हो चुका है। विधायक के बाद सांसद फिर प्रदेश अध्यक्ष और अब वह सूबे के डिप्टी सीएम हैं। इसके अलावा भाजपा में वह पिछड़ी जाति के बड़े चेहरे के रूप में भी जाने जाते हैं। फिलहाल केशव के सिराथू से चुनाव लड़ने का असर जिले की मंझनपुर व चायल विधानसभा सीट के साथ आसपास के जनपदों में भी देखने को मिलेगा।
फिलहाल जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। हालांकि, बदले सियासी हालात में भाजपा के सामने भी वर्ष 2017 का प्रदर्शन बरकरार रखने की बड़ी चुनौती है। इसी वजह से पार्टी ने अभी मंझनपुर व चायल सीट से प्रत्याशी के नाम का पत्ता नहीं खोला है।
सपा ने भी अभी तक इन सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं की है। वैसे सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने जिस तरह से पिछले दिनों जिले में जन सभाएं कीं, उससे माना जा रहा है कि वह मंझनपुर विधानसभा से चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, बसपा ने सबसे पहले तीनों विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं।