प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय
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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती के तहत आरक्षण रोस्टर में हुई गड़बड़ी की शिकायत राजभवन तक पहुंच गई है। विवाद बढने के बाद कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के विशेष कार्याधिकारी की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजकर मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब पत्र का जवाब भेजे जाने की तैयारी चल रही है। करछना के बीएमजी कॉलेज की डॉ. श्वेता शुक्ला ने आरोप लगाए थे कि राज्य विवि में शिक्षक भर्ती में आरक्षण रोस्टर को लेकर अनदेखी की गई है।
विश्वविद्यालय में 15 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के कुल 76 पदों के लिए 20 दिसंबर 2020 तक ऑनलाइन आवेदन मागे गए थे। असिस्टेंट प्रोफेसर के 38 और एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर के 19-19 पदों पर भर्ती होनी थी। इनमें 32 पद अनारक्षित, 23 पद अन्य पिछड़ा वर्ग, 16 पद अनुसूचित जाति और पांच पद ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित थे। 28 जुलाई से साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू होने के बाद कार्य परिषद ने कई विषयों में नियुक्ति के लिफाफे भी खोल दिए थे।
उस वक्त आरक्षण रोस्टर में अनियमितता के आरोप लगे थे। इसकी शिकायत उसी राज्यपाल और प्रधानमंत्री कार्यालय से की गई थी। भर्ती पूरी होने के बाद कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी ने भी नवनियुक्त 26 शिक्षकों का वेतन परीक्षा विभाग से दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने भी विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए थे। अब राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजकर आरक्षण रोस्टर तलब किया है और मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।