स्पेशल जज डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला की अदालत में मामले की सुनवाई की गई। वीडियो कांफ्रेंसिंग से जेल में बंद खालिद अजीम उर्फ अशरफ ने अपने बयान मुलजिम में कहा कि उसे राजनीतिक रंजिश के कारण फंसाया गया है।
राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल का अपहरण कर धमकाने और झूठी गवाही दिलाने के मामले में जेल में बंद पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ का बयान स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए में बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज किया गया।
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स्पेशल जज डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला की अदालत में मामले की सुनवाई की गई। वीडियो कांफ्रेंसिंग से जेल में बंद खालिद अजीम उर्फ अशरफ ने अपने बयान मुलजिम में कहा कि उसे राजनीतिक रंजिश के कारण फंसाया गया है। गवाह उमेश पाल अपनी मर्जी से पुलिस के साथ आया था और अपनी मर्जी से बयान दिया था।
सत्ता बदलने के बाद राजू पाल की पत्नी के दबाव में सरकारी तंत्र से मिलकर उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की गवाही के दौरान वह नैनी जेल में बंद था। बयान में अभियुक्त ने कहा कि वह अपने बचाव में सफाई साक्ष्य प्रस्तुत करेगा।
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घटना 28 फरवरी 2006 की धूमनगंज थाने की है। राजू पाल हत्याकांड के गवाह और इस मुकदमे के वादी उमेश पाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी की फांसी इमली के पास सुलेमसराय से अभियुक्त गण आए और उसे मारपीट कर चोटें पहुंचाई। जान से मारने की धमकी दी और अपहरण कर गाड़ी में बिठा कर अतीक अहमद के कार्यालय में ले गए, जहां उसे झूठी गवाही देने के लिए करंट का झटका दिया गया।