इविंग क्रिश्चयन कॉलेज (ईसीसी) में शुक्रवार को मेन गेट पर ताला लगा दिया गया और शिक्षकों को प्रवेश से रोक दिया गया। इस पर वहां जमकर हंगामा हुआ। एसपी सिटी को सूचना मिली तो उन्होंने मौके पर पुलिस फोर्स को भेजा। पुलिस कर्मियों और शिक्षकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस की मौजूदगी में गेट का ताला तोड़ा गया और शिक्षकों ने कॉलेज में बैठक की। इसके बाद डायरेक्टर कॉलेज डेवलपमेंट और कुलपति को ज्ञापन भी दिया।
ईसीसी में प्राचार्य पद को लेकर चल रहे विवाद के कारण वहां शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला है। इससे नाराज शिक्षकों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर दिया है। कार्य बहिष्कार को देखते हुए कॉलेज सोसाइटी के चेयरमैन बिशप डॉ. पीटर बलदेव से बृहस्पतिवार को निर्देश जारी कर शनिवार को सभी कक्षाएं बंद रखने को कहा था। शिक्षक शुक्रवार सुबह नौ बजे कॉलेज पहुंचे तो मेन गेट पर ताला लगा हुआ था। पूछने पर सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. पीएस मैसी के पुत्र चाभी अपने साथ ले गए हैं। इस पर शिक्षक भड़क गए। ईसीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह ने एससी को फोन कर मामले की जानकारी दी। इस बीच मौके पर ऑक्टा के महासचिव एवं कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर डॉ. उमेश प्रताप सिंह पहुंच गए।
एसपी सिटी के निर्देश पर स्थानीय थाने की पुलिस वहां पहुंची। शिक्षकों ने गेट खुलवाने के लिए कहा लेकिन पुलिस ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। पुलिस कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. पीएस मैसी के उस नोटिस का हवाला देते हस्तक्षेप से इनकार कर रही थी, जिसपर लिखा था कि बिशप के आदेश पर कॉलेज बंद करा दिया गया है। शिक्षकों और पुलिस कर्मियों में तीखी नोकझोंक हुई। हंगामा के बाद सुबह 11 बजे मेन गेट का ताला तोड़ा गया और शिक्षकों ने कॉलेज में जाकर बैठक की। साथ ही निंदा प्रस्ताव पारित किया। कॉलेज में कई शिक्षकों और कर्मचारियों का आवास भी है।
गेट पर ताला लगने के कारण वे न तो अंदर आ सकते थे और न ही बाहर जा सकते थे। बैठक के बाद शिक्षकों ने डायरेक्टर कॉलेज डेवलेपमेंट प्रो. जगदंबा सिंह और कुलपति प्रो. आरएल हांगलू से मिलकर उन्हें ज्ञापन दिया। कुलपति ने आश्वासन दिया कि शनिवार को कार्य परिषद की बैठक है, उसमें इसे मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। वार्ता के बाद शिक्षकों ने तय किया रविवार तक इंतजार किया जाएगा। सोमवार को कॉलेज खुलने पर अगली बैठक होगी और आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।