अगर समूह ‘ग’ के लिपिकों का संवर्ग एक कर दिया जाए तो निदेशालय में तैनात लिपिकों को क्षेत्रीय कार्यालय और महाविद्यालयों, क्षेत्रीय कार्यालयों के लिपिकों को महाविद्यालयों एवं निदेशालय और महाविद्यालयों के लिपिकों को निदेशालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में स्थानांतरित किया जा सकेगा। इस पर विचार करने के लिए शासन ने 29 फरवरी को एक कमेटी का गठन किया था।
उच्च शिक्षा अनुभाग-5 के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी को कमेटी का अध्यक्ष और उच्च शिक्षा निदेशालय के संयुक्त निदेशक केसी वर्मा, सहायक निदेशक शैलेंद्र तिवारी एवं दमयंती राज आनंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बिसौली, बदायूं के प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार वार्ष्णेय को कमेटी का सदस्य बनाया गया है।
मंगलवार को शासन स्तर पर हुई कमेटी की बैठक में तय हुआ कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले इसके सभी तकनीकी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। कमेटी के सदस्य सहायक निदेशक शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि बैठक में इस पर लंबी चर्चा हुई। आगामी बैठकों में इसके सभी पक्षों पर विचार-विमर्श करने के बाद ही संवर्ग को एक करने पर कोई निर्णय लिया जाएगा।