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धूम्रपान निषेध दिवस : पिता के मुंह का कैंसर देखकर बेटे ने छोड़ दी तंबाकू की लत, चिकित्सक कर रहे हैं काउसलिंग

Wed, 13 Mar 2024 04:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

झूंसी के विद्यालय में हाईस्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे को सिगरेट की लत लग गई। इसी बीच बच्चे के पिता को मुंह का कैंसर हो गया। वह भी तंबाकू का सेवन करते थे। पिता को जब बेटे के नशे के बारे में मालूम हुआ तो वह बेटे को कॉल्विन ले गए।
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विश्व तंबाकू निषेध दिवस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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युवाओं को नशे की लत तेजी से पड़ रही है। इसमें किशोर भी शामिल हैं। मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) में पिछले एक साल के अंदर तंबाकू छुड़ाने के लिए 5300 लोगों की काउंसलिंग हुई है। इनकी उम्र 10 से 30 वर्ष के बीच है। इनमें से 10 फीसदी किशोर हैं। हालांकि, इन्होंने अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से नशे पर जीत भी हासिल की। इस बार 13 मार्च को धूम्रपान निषेध दिवस की थीम है ‘बच्चों को तंबाकू प्रोडक्ट्स से बचाना है’।

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केस नंबर 1

झूंसी के विद्यालय में हाईस्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे को सिगरेट की लत लग गई। इसी बीच बच्चे के पिता को मुंह का कैंसर हो गया। वह भी तंबाकू का सेवन करते थे। पिता को जब बेटे के नशे के बारे में मालूम हुआ तो वह बेटे को कॉल्विन ले गए, जहां बेटे ने बताया कि स्कूल के कुछ बच्चों की संगत में उसे सिगरेट पीने की लत लग गई। मगर पिता के कैंसर को देखकर, वह डरा है और सिगरेट छोड़ना चाहता है। छह महीने पहले आए बच्चे की काउंसलिंग चल रही है। इस बीच उसने सिगरेट को हाथ भी नहीं लगाया है।

केस नंबर 2

कोरांव निवासी एक 10 वर्षीय बच्चे को दादी के डिब्बे से निकालकर कच्ची तंबाकू खाने की आदत पड़ गई। परिजनों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। कच्ची तंबाकू खाने के बाद बच्चा सुस्त रहता और उसके व्यवहार में भी परिवर्तन होने लगा। जब चार महीने पहले उसे कॉल्विन लाया गया, तो उसने इस बात का जिक्र किया। फिलहाल बच्चे की काउंसलिंग चल रही है और वह नशे से दूर है।


केस नंंबर 3

संगम क्षेत्र के रहने वाले एक 14 वर्षीय बच्चे को सिगरेट पीने की आदत पड़ गई। एक दिन जब वह सिगरेट पीकर घर आया, तो पिता को उसके हाथ सिगरेट के फिल्टर की बू आई, वह समझ गए कि बेटा बुरी आदत का शिकार हो गया है। पिता ने बेटे की काउंसलिंग शुरू करा दी। मगर कुछ ही दिन बाद बच्चे ने काउंसलिंग में जाना छोड़ दिया और फिर से सिगरेट पीने लगा। वहीं उसे दोबारा अस्पताल लाया गया है, जहां उसकी काउंसलिंग चल रही है।
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सरकार ने जारी किया है क्विट टोबैको हेल्प लाइन नंबर

तंबाकू से नशे की लत को बढ़ता हुए देखते हुए सरकार ने क्विट टोबैको प्रोग्राम की शुरुआत की है। जिसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर 1800112356 भी जारी किया गया है। जहां पर काउंसलिंग करके लोगों को नशे से होने वाली हानियों के संबंध में जानकारी दी जाती है।


तंबाकू के नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पिछले एक साल के अंदर 2200 बच्चों की काउंसलिंग की गई है। हमारे यहां जब कोई भी बच्चा आता है, तो उसे नशा न करने के बारे में कहा जाता है। बच्चे की इच्छा शक्ति ही उसे इससे बाहर निकालती है। कई बच्चों ने इसे करके भी दिखाया है। - डॉ. राकेश पासवान, मनोचिकित्सक परामर्शदाता, कॉल्विन


कई स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे फिल्म, टीवी, सीरियल या फिर परिवार में किसी अन्य को देखकर नशे की तरफ आकर्षित होते हैं। ऐसे में हमें चाहिए कि बच्चों के सामने नशे से संबंधित कोई भी प्रचार-प्रसार न करें, उसके अलावा उनसे कोई नशे से संबंधित सामग्री भी न मंगवाएं। - डॉ. ऊषा चंद्रा, निदेशक, मनोविज्ञानशाला, प्रयागराज। 
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