परिजनों ने आठ घंटे तक नहीं उठने दिया शव
जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मर्चरी भेजना चाहा तो परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और इसकेबाद ही शव उठने दिया जाएगा। उन्होंने हथिगहा-जूड़ापुर मार्ग पर जाम लगाने की भी कोशिश की। एसओ नवाबगंज व सीओ सुधीर कुमार मान-मनौव्वल में जुटे रहे लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। सूचना पर एसपी गंगापार भी आ गए। उन्होंने बहुत समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर करीब आठ घंटे बाद परिजन माने। इसकेबाद लगभग तीन बजे शव मर्चरी भेजा गया। देर रात तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका था।
पहले भी किया था हमला, नहीं हुई कार्रवाई
मृतक के भाई धीरज मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उसके भाई की हत्या गांव के ही राहुल सिंह, ननकुल्ले सिंह, तूफान सिंह, दिलीप पटेल व संगीता पटेल ने की। बताया कि आरोपियों ने पहले भी नीरज पर हमला किया था, जिसके संबंध में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। लेकिन कोई कार्रवाई न होने से बेखौफ आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी।
यह बात भी सामने आई है कि युवक की मानसिक हालत ठीक नहीं रहती थी। ऐसे में उसकी हत्या हुई या उसने खुद से ट्रेन से कटकर जान दी, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। - अभिषेक अग्रवाल, एसपी गंगापार
आरोपियों ने लिखाया था छेड़छाड़ का केस
पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि आरोपियों व गांव की ही एक महिला ने मृतक पर कुछ समय पहले छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था। इसके कुछ दिनों बाद ही उस पर हमला हुआ था, जिस पर उसने आरोपियों के खिलाफ सिर पर घातक चोट पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज कराया।
जमीन के विवाद पर भी नजर
एक और बात यह सामने आई है कि मृतक केपिता ने गांव की ही एक महिला के नाम सवा बीघा जमीन का बैनामा किया था। जिसका वह विरोध करता था। कुछ दिनों पहले ही उसने राजस्वकर्मियों से मिलकर आपत्ति भी दाखिल की थी। उसके चचेेरे भाई दिनेश की भी कई साल पहले हत्या कर दी गई थी। उधर नीरज की मौत की सूचना पर उसकी पत्नी अंतिमा का रो-रोकर बुरा हाल रहा। उसके दो साल की बेटी छवि है। अंतिमा गर्भवती भी है।