डा. महेंद्र सिंह।
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जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा है कि एक्युप्रेशर विधि से हर मर्ज का उपचार संभव है। मंत्री डॉ. सिंह ने यह बातें सोमवार को झूंसी के छतनाग गांव स्थित माता खेमका प्रसाद एक्युप्रेशर संस्थान के 23 वें राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन के मौके पर कहीं। कहा कि कोई भी व्यक्ति त्याग, सेवा और समर्पण के भाव से कार्य करता है तो उसका कल्याण निश्चित है। मंत्री ने कोरोना काल में अच्छा कार्य करने वालों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया।
जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने माता प्रसाद खेमका की मूर्ति का भी अनावरण किया। कहा कि गंगा के दर्शन मात्र से ही मुक्ति हो जाती है। गंगा के तट पर अगर यह संस्थान स्थित न होता तो यहां पर अविरलता, स्वच्छता, निर्मलता, पारदर्शिता, समर्पण, सेवा, त्याग एवं बलिदान की भावना आ नहीं सकती थी। कहा कि एक्युप्रेशर से हर मर्ज का उपचार संभव है। उन्होंने एक्युपेशर के बारे में बताते हुए कहा कि पहले के व्यक्ति या घरों की महिलाओं को इतना कार्य करना पड़ता था कि एक्युप्रेशर की कोई जरूरत ही नहीं पड़ती थी।
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि मुझे एक बार माइग्रेन की समस्या हुई थी जिसका इलाज हाथो के द्वारा ही किया गया। चलती फिरती दुनिया में बहुत सी ऐसी बीमारी है जिसका एक्युप्रेशर में ही उपचार संभव है। मंत्री डॉ. सिंह और महापौर ने विभिन्न पुस्तकों का भी विमोचन किया। कोरोना काल में योगदान देने वालों का भी सम्मान किया गया। इस मौके पर भाजपा गंगापार अध्यक्ष अश्वनी द्विवेदी, ब्लाक प्रमुख अरुणेंद्र यादव डब्बू आदि मौजूद रहे।
अधीक्षण अभियंता के खिलाफ केंद्रीय मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता के खिलाफ भी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के जरिए केंद्रीय मंत्री को बताया गया कि उक्त अफसर से सभी कर्मचारी परेशान हैं। अधीक्षण अभियंता के बारे में जनपद के कई जन प्रतिनिधियों ने भी पत्र लिखा लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।