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आदेश : हाईकोर्ट ने अमरोहा के डीपीएम की बर्खास्तगी को किया निरस्त

Mon, 22 Nov 2021 10:11 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।) - फोटो : iStock
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अमरोहा के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीएम) की बर्खास्तगी को निरस्त कर दिया है। इसके साथ डीपीएम को सेवा से जुड़े सभी लाभ भी दिए जाने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने याची के अधिवक्ता ओपीएस राठौर की जिरह को सुनने के बाद दिया है। डीपीएम को घूस लेने के आरोप में अमरोहा के सीएमओ के द्वारा निलंबित कर दिया गया था। इस कार्रवाई को डीपीएम ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

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डीपीएम राजू यादव के अधिवक्ता का तर्क था कि उनकी नियुक्ति संविदा पर 2015 में हुई थी। तबसे वह अपने पद पर लगातार काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया में घूस के मामले में दो वीडियो वायरल हुए थे, जांच समिति की संस्तुति पर सीएमओ अमरोहा ने बिना उनका पक्ष जाने उन्हें बर्खास्त कर दिया। वीडियो में दो पदों पर लैब तकनीशियन की भर्ती के लिए पैसे के लेनदेन की बात की गई है। याची के अधिवक्ता का कहना था कि वायरल वीडियो में बात करने वाला किसी तरह का लाभ उठाने वाला नहीं था।

उसने न तो लैब तकनीशियन पद पर भर्ती होने के लिए आवेदन किया था और न ही साक्षात्कार में शामिल हुआ था। ऐसे में याची के खिलाफ कार्रवाई किया जाना गलत है। इसके अलावा बर्खास्तगी की कार्रवाई भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत नहीं की गई है। बर्खास्तगी के बाद याची को पर्याप्त रूप से सुनने का मौका नहीं दिया गया। कोर्ट ने अधिवक्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी को सुनवाई का मौका दिए बिना बर्खास्त करना प्राकृतिक न्याय के खिलाफ बताया। इसके साथ ही सीएमओ द्वारा की गई बर्खास्तगी की कार्रवाई को निरस्त कर दिया।

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