एसटीएफ ने मंगलवार को रामबाग बस अड्डे के पास से जाली नोटों के तस्कर रामू साहू को गिरफ्तार कर लिया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। अंतर्राष्ट्रीय तस्कर दीपक मंडल के साथ मिलकर रामू ने शहर में लाखों रुपये के नकली नोट खपा डाले थे। जून में रामू के साथी की गिरफ्तारी के बाद से उसकी तलाश की जा रही थी। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। राम साहू चेक क्लोनिंग और नोट दूना करने की जालसाजी में भी पकड़ा जा चुका है।
नवाबगंज के कौड़िहार बाजार का रहने वाला रामू साहू पर शासन ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। जून 2021 में एसटीएफ ने रामू के साथ रुपेश कुमार को जाली नोटों के साथ पकड़ा था। उस मामले में रामू को फरार घोषित किया गया था। एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि रामू साहू, अपने साथियों अलीम अंसारी , योगेंद्र प्रताप और राहुल निशीद के 2014 में चेक क्लोनिंग के मामले में पकड़ा गया था। बाद में उसे लखनऊ से नैनी जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। यहीं उसकी मुलाकात अंतर्राष्ट्रीय तस्कर दीपक मंडल से हुई।
इसके बाद वह दीपक से नोट लेकर धीरे धीरे प्रयागराज के बाजारों में खपत करता रहा। उसने अपने साथ श्रवण केसरवानी, और रूपेश कुमार को भी जोड़ा। दोनों दीपक से नोट लाकर बाजार में खपाने लगे थे। जून में एसटीएफ ने रूपेश को जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। जाली नोटों के अलावा रामू साहू नोटों को दूना करने का भी धंधा करता था। इस धंधे में भी रामू और उसके साथ करीब 20 लाख रुपये तमाम लोगों से हड़प चुके हैं। रामू साहू के खिलाफ कीडगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उसके खिलाफ और कहां कहां मुकदमे हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।