डायमंड जुबली हॉस्टल में कार्रवाई के दौरान चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब पुलिस ने 122 नंबर कमरे में बनी लाइब्रेरी का ताला तोड़ा। भीतर जाने पर पता चला कि यहां किताबों के ही साथ पलंग, बिस्तर, पंखे आदि रखे थे। कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे एसपी सिटी, सीओ कर्नलगंज ने नाराजगी जताई तो विवि प्रशासन के अफसरों ने कुछ देर के लिए चुप्पी साध ली। बाद में कहा कि कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराई जाएगी।
कार्रवाई करते हुए पुलिस जब हॉस्टल के कमरा नंबर 64 पर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। ताला तोड़कर पुलिस व विवि प्रशासन के अफसर भीतर पहुंचे तो पता चला कि इस कमरे में अविनाश दुबे का कब्जा था जो इन दिनों जेल में बंद है। विवि का पूर्व छात्र अविनाश बालसन चौराहे स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट पर बमबाजी के मामले में कुछ दिन पहले ही जेल भेजा गया था। यहां उसके बहुत से कागजात भी बरामद हुए। छानबीन में पता चला कि यह कमरा बीए द्वितीय वर्ष के छात्र योगेश तिवारी के नाम से आवंटित था।
स्पोर्ट्स ब्लॉक में मिले पंखे, तख्त व कूलर
एसएसएल हॉस्टल में कार्रवाई के दौरान पुलिस अफसर उस वक्त हैरान रह गए जब उन्हें यह जानकारी मिली कि स्पोर्ट्स ब्लॉक पर भी अवैध कब्जा जमाया गया है। इस ब्लॉक के चार कमरों में तख्त, कूलर व पंखे के साथ बिस्तर व अन्य सामान मिले। पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो हॉस्टल कर्मचारी इधर-उधर देखने लगे। इस पर पुलिस अफसरों ने नाराजगी जताते हुए सारा समान बाहर फेंकवाकर यहां ताला लगवा दिया।
आपत्तिजनक किताबें, शराब की बोतलों के डिब्बे मिले
एसएसएल हॉस्टल में छापेमारी के दौरान एक कमरे से पुलिस को आपत्तिजनर किताब भी मिली। इसके अलावा हॉस्टल परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की बोतलों के डिब्बे मिले। पुलिस अफसरों ने बताया कि इससे साफ है कि हॉस्टलों में बेरोकटोक अनैतिक गतिविधियां अंजाम दी जा रही हैं।
मेस में छिपा दिए दर्जनों कूलर
भारी फोर्स की मौजूदगी के बाद भी हॉस्टल कर्मचारी व छात्र अपने कारनामों से बाज नहीं आए। डायमंड जुबली हॉस्टल में पुलिस अभी पहले तल पर बने कमरों की तलाशी ले रही थी कि उधर भूतल पर बने कमरों में रहने वाले छात्रों ने अपने-अपने कमरों से कूलर हटाकर मेस में छिपा दिए। पहले तल पर कार्रवाई के बाद टीम वापस जाने को थी लेकिन, एएसपी श्रीश्चंद्र ने मेस में पहुंचकर तलाशी शुरू करा दी। इस दौरान करीब दो दर्जनों कूलर मेस में रखे मिले, जिन्हें बाहर फेंकवा दिया गया। इस हरकत पर एएसपी ने कर्मचारियों को खरी-खोटी भी सुनाई।
सुबह 10.30 से शाम 4.30 बजे तक चली कार्रवाई के दौरान कुल 91 कमरे अवैध कब्जे से मुक्त कराए गए। वैध छात्रों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वह अपने कमरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति को न ठहरने दें। वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी