चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी रहेगी एंबुलेंस
श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस भी तैनात की जाएगी। पर्यटन विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कराया गया है। हेलीपोर्ट के अलावा अरैल और झूंसी में दो स्थायी हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। झूंसी थाने के पीछे आवास विकास की जमीन पर तथा अरैल में त्रिवेणी पुष्प के पास हेलीपैड बनाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 के कुंभ में भी सरकार ने यह योजना बनाई थी। इस पर पांच करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया था। इसके निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई थी, लेकिन हेलीपोर्ट का निर्माण अधर में लटक गया था।
क्या है हेलीपोर्ट
हेलीपैड पर एक समय में एक ही हेलीकॉप्टर लैंड कर सकता है। लेकिन, हेलीपोर्ट पर एक साथ कई हेलीकॉप्टर की लैंडिंग कराई जा सकती है। एयरफोर्स में कई स्थानों पर हेलीपोर्ट है। इसी तरह यमुना तट पर प्रयागराज में संगम की हवाई सैर के लिए हेलीपोर्ट का निर्माण कराया जाएगा।