आईपीएस की बढ़ेगी संख्या
जानकारों का कहना है कि कमिश्नरेट बनने पर जिले में आईपीएस अफसरों की संख्या भी बढ़ जाएगी। दरअसल मौजूदा समय में छह आईपीएस जिले में तैनात हैं जिनमें से दो एएसपी हैं। कमिश्नरेट बनने पर ज्यादा आईपीएस अफसरों की जरूरत होगी। एडीजी रैंक के अफसर के कमिश्नर बनने पर आईजी स्तर के अधिकारी को जेसीपी क्राइम व मुख्यालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा एसपी स्तर के अधिकारी को डीसीपी के पद पर तैनात किया जाएगा।
थाना प्रभारियों की तैनाती में अनुमोदन की जरूरत नहीं
कमिश्नरेट प्रणाली में थानों में प्रभारियों की तैनाती में डीएम के अनुमोदन की जरूरत नहीं रह जाएगी। दरअसल अभी थाना प्रभारियों का चयन तो एसएसपी ही करते हैं, लेकिन इसका अनुमोदन डीएम से कराना पड़ता है। इसके अलावा जुलूस, धरना प्रदर्शन आदि की अनुमति भी पुलिस कमिश्नर ही दे सकेंगे।