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Murder : फ्लैट में महिला की लाश मिलने पर डॉक्टर ने साधी चुप्पी, पुलिस की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में

Sat, 26 Nov 2022 12:14 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

घटनास्थल के मुआयने और शव की हालत देखने के बाद से ही मामला संदिग्ध माना जा रहा था। इसके बावजूद जांच को लेकर पुलिस का जो रवैया रहा, वह बेहद चौंकाने वाला रहा। शुक्रवार को जब पूछा गया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो पोस्टमार्टम में व्यस्त होने की बात कही गई। 
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Prayagraj News :डॉक्टर का फ्लैट जिसमें मिली थी महिला की लाश। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सर्जन के फ्लैट में महिला की हत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। 24 घंटे से ज्यादा का वक्त बीतने के बाद भी पुलिस सीसीटीवी फुटेज चेक करने नहीं पहुंची। मृतका के बारे में जानकारी होने की बात डॉक्टर क्यों छुपाते रहे, इसका भी जवाब पुलिसकर्मी नहीं दे सके। 

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घटनास्थल के मुआयने और शव की हालत देखने के बाद से ही मामला संदिग्ध माना जा रहा था। इसके बावजूद जांच को लेकर पुलिस का जो रवैया रहा, वह बेहद चौंकाने वाला रहा। शुक्रवार को जब पूछा गया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो पोस्टमार्टम में व्यस्त होने की बात कही गई। 


जब पूछा गया कि डॉक्टर आखिर क्यों कुछ बोलने से इंकार करते रहे, तो पुलिस इसका भी जवाब नहीं दे पाई। मृतका के मोबाइल से सिम गायब कैसे हुआ और कॉल हिस्ट्री किसने डिलीट की, इस बाबत भी पुलिस कुछ बता नहीं पाई। 
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जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक डायरी भी मिली है। इसमें कुछ नंबर लिखे हैं। यह नंबर किसके हैं, क्या इनमें से कोई ऐसा था जो मृतका से बात करता था, इसकी भी पड़ताल नहीं हो सकी। जांच में हीलाहवाली क्यों की गई, इस बाबत अफसर भी कुछ स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं। सिर्फ इतना कहा गया कि जांच की जा रही है। 

सवाल यह भी 
मौके से मिले मृतका के आधार कार्ड पर अंकित पता उसी बिल्डिंग का था। दूसरे के पते पर उसने आईडी कैसे बनवा ली। आखिरी बार फ्लैट में कौन आया। सीसीटीवी फुटेज की रात में ही पड़ताल क्यों नहीं हुई। महिला की मौत सात-आठ दिन पहले हुई। उस दिन बिल्डिंग में क्या किसी संदिग्ध का आना हुआ था। फ्लैट के दरवाजे के बाहर लगी लोहे की जाली में जो ताला लगा था, वह किसका था। मॉडर्न दौर में फ्लैट के दरवाजों में ड्यूअल लॉक की व्यवस्था रहती है, तो क्या इस फ्लैट में भी था ड्यूअल लॉक? 

इरादतन लापरवाही या कोई दबाव? 
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई अन्य सवाल भी उठ रहे हैं। जिस तरह से महिला संबंधी मामला होने के बावजूद तफ्तीश को लेकर ढीला रवैया अपनाया गया, उससे यह भी सवाल है कि यह लापरवाही इरादतन है या किसी दबाव में ऐसा किया जा रहा है। हाल यह रहा कि गंभीर मामला होने के बाद भी घटना की जानकारी पर कोई जिम्मेदार अफसर मौके पर नहीं पहुंचा था। यहां तक कि कोतवाली इंस्पेक्टर भी बीमार होने के चलते मौके पर नहीं पहुंचे थे। ऐसे में थाने का प्रभार देख रहे दरोगा व चौकी प्रभारी ही मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल करते नजर आए थे। 
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कहीं ऐसा तो नहीं हुआ? 
अब तब जो बातें सामने आई हैं, उससे इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि हत्या में एक से ज्यादा लोग शामिल रहे हों। जानकारों का कहना है कि 35 साल की महिला की गला दबाकर हत्या करना अकेले व्यक्ति के लिए संभव नहीं। जिस तरह से हत्या की गई और परिस्थितियां भी इसी ओर इशारा कर रही हैं। इस बात की भी आशंका है कि हत्या में कोई न कोई ऐसा व्यक्ति शामिल रहा हो, जिसे महिला पहचानती रही हो। ऐसा न होता तो बाहरी व्यक्ति के फ्लैट में घुसने पर महिला ने शोर जरूर मचाया होता। 
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