फूलपुर के 10647 युवाओं को दिए टैबलेट और स्मार्ट फोन
युुवाओं को अपने पाले में करने के लिए भाजपा यहां पूरी तन्मयता से जुटी है। बुधवार को इफको परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सरकार ने टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण के लिए सर्वाधिक युवा इसी विधानसभा के चुने। 15448 में से इस विधानसभा के 10647 लाभार्थी रहे। इतना ही नहीं, जिले में जिन 407 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास हुआ उसमें 146 योजनाएं सिर्फ फूलपुर विधानसभा की ही रहीं।
2022 में भी भाजपा प्रत्याशी की जीत की मार्जिन कम थी
2022 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा महज 2700 वोट से ही चुनाव जीत सकी थी। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में जब केशरी देवी पटेल को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया था तो उन्होंने 110137 वोट हासिल किए, जबकि सपा प्रत्याशी 99553 मत ही हासिल कर सके थे।
निर्णायक साबित होते हैं कुर्मी वोटर
फूलपुर विधानसभा सीट पर कुर्मी वोटर ही निर्णायक साबित होते हैं। इस बार भी भाजपा यहां से किसी कुर्मी प्रत्याशी को मैदान में उतार सकती है। 2022 एवं 2017 से भाजपा के टिकट पर प्रवीण पटेल निर्वाचित हुए, जबकि 2012 के चुनाव में सपा के सईद अहमद ने चुनाव जीता था। 2007 के चुनाव की बात करें तो तब प्रवीण पटेल बसपा के टिकट पर यहां से चुनाव जीते थे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक बाजपेयी कहते हैं कि फूलपुर विधानसभा का उपचुनाव काफी अहम है। पार्टी सोच समझकर ही इस सीट से अपना उम्मीदवार फाइनल करेगी। यह बात सही है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कुर्मी वोटरों में कुछ बिखराव दिखा। इसी वजह से इस लोकसभा से पार्टी की लीड कुछ कम हुई।