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Prayagraj : हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की रार पर सीजे बोले...इसमें अदालत को न खींचें

Sat, 07 Sep 2024 07:11 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसे शुक्रवार दोपहर का बताया जा रहा है। इसमें बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश खरे दौड़ते नजर आ रहे हैं। इसके बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सचिव विक्रांत पांडे के नेतृत्व में मुख्य न्यायाधीश की अदालत में पहुंच गए।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच उपजी रार बढ़ गई है। विरोधी गुट के लोगों पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश खरे पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। इस पर सचिव विक्रांत पांडे के नेतृत्व में शिकायत करने पहुंचे बार के पदाधिकारियों को मुख्य न्यायाधीश ने बैरंग लौटा दिया। कहा कि बार के झगड़े में अदालत को न खींचें।

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अध्यक्ष के साथियों पर हमले का आरोप

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसे शुक्रवार दोपहर का बताया जा रहा है। इसमें बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश खरे दौड़ते नजर आ रहे हैं। इसके बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सचिव विक्रांत पांडे के नेतृत्व में मुख्य न्यायाधीश की अदालत में पहुंच गए। अदालत में पेश होकर विक्रांत पांडे और राजेश खरे ने मुख्य न्यायाधीश से कहा कि अध्यक्ष अनिल तिवारी के साथियों ने उन्हें गेट नंबर पांच पर दौड़ाकर मारने की कोशिश की। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। यह भी कहा कि हमलावर वकालत नहीं करते। हालांकि, अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

शिकायत सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने पूछा मैं क्या करूं? आप हमसे क्या चाहते हो? यह बार एसोसिएशन का झगड़ा है। इसमें अदालत को न खींचा जाए। अदालत न्यायिक क्षमता से फिलहाल, कोई मदद नहीं कर सकती। जो भी शिकायत है, उसके लिए आप पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

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पिछले दो दिनों से बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव समेत अन्य पदाधिकारी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसी दौरान बार के 22 सदस्यों ने गंभीर आरोप लगते हुए अध्यक्ष अनिल तिवारी को एक माह के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया। वहीं, अध्यक्ष ने वीडियो संदेश जारी कर सफाई दी। कहा कि बिना आधिकारिक बुलावे के बार के कुछ पदाधिकारी दिल्ली गए थे। यात्रा और हाईकोर्ट कैंटीन के नाश्ते के बिल का भुगतान रोक दिया गया, जिससे सभी नाराज हैं।

कोई कार्रवाई नहीं, दोनों ओर से हमले की निंदा

हाईकोर्ट में दिनभर की हलचल और हंगामे के बाद देर रात तक किसी भी पक्ष की ओर से किसी कानूनी कार्यवाही की सूचना नहीं मिली है। जबकि, अध्यक्ष अनिल तिवारी और सचिव विक्रांत पांडेय ने एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए कथित हमले की निंदा की।
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