प्रयागराज में दरोगा के बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार झोलाछाप डॉक्टर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि दरोगा के बेटे ने बेइज्जती की थी। दो दिन पहले सबके सामने पिटाई की थी। इसलिए उसे मार डाला। पुलिस ने पंकज की हत्या के आरोपी को जेल भेज दिया है।
प्रयागराज के थरवई थाना इलाके के 40 नंबर गुमटी के पास बुधवार की सुबह दरोगा बद्री प्रसाद यादव के बेटे पंकज यादव की हत्या .32 बोर की पिस्टल से की गई थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार की शाम आरोपी राम सिंह यादव उर्फ राज सिंह उर्फ शक्ति सिंह को पकड़ा तो पिस्टल के साथ बाइक भी बरामद हो गई।
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हत्या के बाद आरोपी इसी बाइक से फरार हुआ था। पुलिस को उसने बताया कि पंकज और उसके बीच पांच हजार रुपये का विवाद था। दरोगा का बेटा होने के कारण पंकज दबंगई करता था। उसने दो दिन पहले सबके सामने उसे पीटा और बेइज्जती की। इसीलिए उसने हत्या की।
वाराणसी के सारनाथ थाने में तैनात दरोगा बद्री प्रसाद यादव का बेटा पंकज, अपने छोटे भाई नीरज और बहन के साथ तेलियरगंज में रहता था। वह थरवई के 40 नंबर गुमटी इलाके में घर बनवा रहा था। बुधवार की सुबह पड़ोस में क्लीनिक चलाने वाले झोलाछाप राम सिंह यादव ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
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बृहस्पतिवार की शाम पुलिस ने राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त .32 बोर की पिस्टल बरामद हुई। आरोपी ने बताया कि पंकज से उसने एक सेकेंड हैंड मोबाइल पांच हजार रुपये में खरीदा था। साढ़े तीन हजार रुपये वह दे चुका था, सिर्फ डेढ़ हजार देने बाकी थे।
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इसी बात को लेकर पंकज अक्सर उसकी बेइज्जती करता था। दो दिन पहले उसने सबके सामने मारपीट की और गालियां दीं। मंगलवार की शाम उसने फोन कर फिर बेइज्जत किया। इसके बाद उसने उसकी हत्या का मन बना लिया। जब वह बुधवार को क्लीनिक पर आकर बदतमीजी और गाली गलौज करने लगा तो उसने पिस्टल से उसे गोली मार दी।
डीसीपी यमुनानगर अभिषेक भारती ने बताया कि राम सिंह ने अपने कई नाम रखे थे। किसी को वह अपना नाम रोहित यादव बताता था तो किसी को राम सिंह, किसी के लिए वह राज था तो मेल आईडी में खुद का नाम शक्ति सिंह लिखा था। उसके आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है। शुक्रवार को उसे जेल भेज दिया गया।
आरोपी की कचहरी में जमकर पिटाई, सिपाहियों के साथ भी धक्का मुक्की
थरवई पुलिस आरोपी राम सिंह को लेकर शुक्रवार शाम को कचहरी पहुंची, जहां उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना था। पुलिस जैसे ही कचहरी पहुंची, आरोपी पर हमला कर दिया गया। सिपाहियों ने उसे बचाने की कोशिश की तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई। भीड़ बढ़ने लगी तो पुलिस वाले उसे लेकर बाहर की ओर भागे।
इस पर लोगों ने पुलिस टीम को दौड़ा लिया। मारपीट के दौरान आरोपी के कपड़े फट गए।घटना से मौके पर अफरातफरी मच गई। इसके बाद आनन फानन वहां फोर्स बुलाई गई और आरोपी को चौकी ले जाया गया।
इसके बाद पुलिस बल की सुरक्षा में आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि दरोगा के बेटे पंकज ने एलएलबी किया था। उसका भाई भी चौथे सेमेस्टर का छात्र है।