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बाढ़ से 22 हजार किसानों की फसल बर्बाद, मुआवजे की आस में अन्नदाता

Sun, 06 Oct 2019 02:39 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pexels.com
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बाढ़ और बारिश से जिले के 22 हजार से अधिक किसानों की फसल बर्बाद हो गई। जिला प्रशासन ने प्रारंभिक सर्वे के आधार पर फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए शासन से मदद के लिए 3.55 करोड़ रुपये की मांग की है। यह आंकड़ा काश्तकारों को हुए नुकसान का है। वहीं कछारी इलाके में सरकारी जमीन पर बड़ी संख्या में किसान सब्जी तथा अन्य फसलों की खेती करते हैं। उन्हें किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं मिलेगी। इसके अलावा कछारी इलाके में बने मकानों को हुआ नुकसान भी इसमें शामिल नहीं है।
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जिले के 125 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में रहे। 22 हजार किसानों की 25 हजार बीघा फसल इसकी चपेट में आ गई थी। इसके बाद हुई बारिश से मुसीबत और बढ़ गई तथा पूरी फसल बर्बाद हो गई। इसके अलावा भी मकान आदि को भारी क्षति हुई। आपदा विभाग की ओर से नुकसान का प्रारंभिक सर्वे कराया जा रहा है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का नुकसान अनुमानित है।

इसी के अनुसार बजट की मांग की जाएगी। हालांकि, अफसर अभी इस बारे में कुछ बताने से बच रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व मार्तंड प्रताप सिंह का कहना है कि तहसीलों से नुकसान की बाबत रिपोर्ट मांगी गई है। सभी तहसील से रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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दिया जा चुका एक करोड़ का मुआवजा

बाढ़ और बारिश से 50 से अधिक मकान ध्वस्त हो गए। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई। पीड़ित परिवारों को अब तक करीब एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। मकान गिरने से हुए नुकसान का सर्वे अभी जारी है।

बांटे गए 1500 राहत फूड पैकेट

बाढ़ में हजारों घर डूब गए थे। इनमें से सैकड़ों परिवार ने राहत शिविरों में शरण ले रखा था। लंबे समय तक बाढ़ से प्रभावित 1500 परिवारों को राहत फूूड पैकेट वितरित किए गए थे। इसके अलावा शिविरों तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाना के पैकेट तथा अन्य सामग्री पहुंचाई गई थी। इस पर करीब 70 लाख रुपये खर्च हुए।
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